Idukki Murder Case: केरल के इडुक्की जिले से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है. यहां थोडुपुझा की एडिशनल सेशन कोर्ट (Thodupuzha Additional Sessions Court) ने एक 82 वर्षीय बुजुर्ग को फांसी की सजा सुनाई है, जिसपर अपने ही बेटे, बहू और पोतियों को जिंदा जलाने का आरोप था. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, यह घटना 2022 की है, जब हमीद उर्फ चित्तप्पन ने संपत्ति विवाद में अपने बेटे मोहम्मद फैजल (45), बहू शीबा (40) और दो पोतियों मेहरीन (16) और असना (13) की बेरहमी से हत्या कर दी थी.
उसने आधी रात को परिवार को एक कमरे में बंद कर दिया, घर पर पेट्रोल छिड़का और आग लगा दी. इसके अलावा, उसने आग बुझाने से रोकने के लिए पानी की टंकी और कंटेनर खाली कर दिए.
पूरे परिवार को जिंदा जलाकर मार डाला
आग इतनी भीषण थी कि कुछ ही मिनटों में पूरा घर राख में बदल गया. शोर सुनकर जब पड़ोसी वहां पहुंचे, तो उन्होंने देखा कि पूरा परिवार बाथरूम में फंसा हुआ है और उसके पास बचने का कोई रास्ता नहीं है. पुलिस के अनुसार, हमीद ने पड़ोसियों को घटनास्थल पर जाने से रोका और उन पर पेट्रोल से भरी बोतलें फेंकी.
मृत्युदंड और ₹4 लाख का जुर्माना
घटना के बाद, आरोपी अपने रिश्तेदार के घर भाग गया और अपना अपराध कबूल कर लिया. बाद में, जब रिश्तेदारों ने पुलिस को सूचना दी, तो वह भागने की कोशिश करते हुए पकड़ा गया. अदालत ने इस घटना को "दुर्लभतम" मानते हुए कठोर फैसला सुनाया. इसमें भारतीय दंड संहिता की धारा 302 के तहत मृत्युदंड और ₹4 लाख का जुर्माना शामिल है.
साथ ही धारा 436 के तहत 10 साल के कठोर कारावास और ₹2 लाख का अतिरिक्त जुर्माना भी लगाया गया है.
केरल HC सुनाएगा अंतिम फैसला
अदालत ने स्पष्ट रूप से कहा कि इस घटना में न केवल चार लोगों की मौत हुई, बल्कि समाज के लिए एक भयावह उदाहरण भी स्थापित हुआ. सजा सुनाए जाने के बाद, आरोपी को पूजापुरा केंद्रीय कारागार (Poojappura Central Prison) भेज दिया गया.
अब केरल हाईकोर्ट (Kerala High Court) सजा पर अंतिम फैसला सुनाएगा.













QuickLY