Karnataka Tragedy: स्कूल के दरवाजे में दबकर पहली कक्षा की छात्रा ने गंवाई दो उंगलियां, शिक्षा मंत्री ने दिए सख्त कार्रवाई के आदेश
कर्नाटक के तुमकुरु में मिड-डे मील की कतार में खड़ी एक मासूम छात्रा की उंगलियां स्कूल के दरवाजे में दबकर कट गईं. परिजनों ने शिक्षकों पर लापरवाही का आरोप लगाया है, जिसके बाद शिक्षा मंत्री ने जांच के आदेश दिए हैं.
तुमकुरु: कर्नाटक (Karnataka) के तुमकुरु जिले (Tumakuru) के गुलुरु शहर (Guluru Town) से एक हृदयविदारक घटना सामने आई है, जहां एक सरकारी स्कूल (Government School) की पहली कक्षा की छात्रा (Class 1 Student) की दो उंगलियों के हिस्से दरवाजे में दबकर कट गए। घटना के बाद स्कूल प्रशासन पर लापरवाही के गंभीर आरोप लगे हैं. राज्य के शिक्षा मंत्री (State Education Minister) मधु बंगारप्पा ( Madhu Bangarappa) ने मामले का संज्ञान लेते हुए विभाग से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई का आश्वासन दिया है. यह भी पढ़ें: Bengaluru Lokayukta Raid: सरकारी अधिकारी के ठिकानों पर छापेमारी, करीब 2 करोड़ रुपये नकद बरामद
कैसे हुआ यह हादसा?
प्रारंभिक रिपोर्टों के अनुसार, यह घटना उस समय हुई जब पहली कक्षा की छात्रा चिन्मयी देवी मिड-डे मील (दोपहर का भोजन) के लिए कतार में खड़ी थी. लाइन में खड़े होने के दौरान बच्ची ने अपना हाथ गलती से दरवाजे के किनारे पर रख दिया था. तभी किसी ने दरवाजे को जोर से धक्का दिया, जिससे दरवाजा बंद हो गया और बच्ची की दो उंगलियां दबकर बुरी तरह कट गईं.
शिक्षकों पर संवेदनहीनता का आरोप
बच्ची के माता-पिता ने आरोप लगाया है कि इतनी गंभीर चोट लगने के बावजूद शिक्षकों ने संवेदनशीलता नहीं दिखाई. परिजनों का कहना है कि शिक्षकों ने केवल बच्ची के जख्म पर पानी डाला और उसे घर भेज दिया. बच्ची की एक उंगली का ऊपरी हिस्सा पूरी तरह अलग हो गया, जबकि दूसरी उंगली में गहरी चोट आई है.
परिजनों ने यह भी शिकायत की कि ब्लॉक शिक्षा अधिकारी (BEO) ने शुरुआत में इस मुद्दे पर कोई संतोषजनक प्रतिक्रिया नहीं दी, जिसके बाद तुमकुरु में बीईओ के खिलाफ लापरवाही का मामला दर्ज कराया गया है. यह भी पढ़ें: Bengaluru Accident Video: बेंगलुरु में दर्दनाक सड़क हादसा, स्कूल बस ने स्कूटर को रौंदा, दो मासूम बच्चों की मौत; भयावह वीडियो CCTV में कैद
शिक्षा मंत्री की कड़ी चेतावनी
बेंगलुरु में पत्रकारों से बात करते हुए शिक्षा मंत्री मधु बंगारप्पा ने कहा कि स्कूल आने वाले बच्चों की सुरक्षा विभाग की प्राथमिकता है. उन्होंने कहा, 'शिक्षकों को तुरंत माता-पिता को सूचित करना चाहिए था, जो उन्होंने नहीं किया. अगर जांच में पाया गया कि शिक्षकों ने इस मामले को हल्के में लिया है, तो हम बिना किसी दया के कार्रवाई करेंगे.'
मंत्री ने आगे कहा कि एक बार जब बच्चा स्कूल आ जाता है, तो उसे सुरक्षित घर वापस भेजना विभाग और शिक्षकों की जिम्मेदारी होती है. भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए नए दिशा-निर्देश भी जारी किए जाएंगे.
प्रशासनिक जांच जारी
वहीं, बीईओ हनुमंतप्पा का कहना है कि शिक्षकों ने छात्रा को इलाज के लिए एक निजी अस्पताल पहुंचाया था. उन्होंने बताया कि स्कूल के प्रधानाध्यापक (Headmaster) को नोटिस जारी किया गया है और मामले की रिपोर्ट सार्वजनिक निर्देश उप निदेशक (DDPI) को सौंप दी गई है. फिलहाल बच्ची का इलाज जारी है, हालांकि वह अभी भी गहरे सदमे और दर्द में है.