DGP Viral Video: कर्नाटक सरकार ने एक बड़े प्रशासनिक कदम के तहत वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी और पुलिस महानिदेशक (नागरी हक्क अंमलबजावणी) डॉ. के. रामचंद्र राव को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है. यह कार्रवाई सोमवार को सोशल मीडिया पर वायरल हुए कुछ आपत्तिजनक वीडियो के बाद की गई है, जिनमें अधिकारी को अपने सरकारी कार्यालय में एक महिला के साथ कथित तौर पर अनुचित स्थिति में देखा गया है.
निलंबन और सरकारी रुख
मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए गृह विभाग को तत्काल जांच के निर्देश दिए हैं. मुख्यमंत्री ने स्पष्ट लहजे में कहा, "कानून सबके लिए समान है, चाहे वह कितना भी वरिष्ठ अधिकारी क्यों न हो. मैंने मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं और दोषी पाए जाने पर कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी." निलंबन आदेश के अनुसार, राव का आचरण 'अखिल भारतीय सेवा नियमावली' के विरुद्ध पाया गया है, जिससे विभाग की छवि धूमिल हुई है. यह भी पढ़े: IPS Dr A.Koan Suspend: आईपीएस अधिकारी डॉ. ए. कोन नौकरी से निलंबित, गोवा के नाईट क्लब में महिला से छेड़छाड़ का आरोप
डीजीपी रामचंद्र राव का अश्लील वीडियो
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— navasamaja (@navasamajanews) January 19, 2026
डीजीपी राव का पक्ष: 'वीडियो को बताया साजिश'
DGP Viral Video दूसरी ओर, 1993 बैच के आईपीएस अधिकारी डॉ. के. रामचंद्र राव ने इन आरोपों को पूरी तरह से खारिज कर दिया है. उन्होंने वीडियो को 'फर्जी और मॉर्फ्ड' करार देते हुए दावा किया कि यह उन्हें बदनाम करने के लिए रचा गया एक षड्यंत्र है. राव ने कहा, "मैं इस वीडियो को देखकर स्तब्ध हूं. आज के डिजिटल युग में किसी की भी छवि खराब करने के लिए कुछ भी बनाया जा सकता है. यह मेरे रिटायरमेंट से कुछ महीने पहले मुझे निशाना बनाने की कोशिश है." उन्होंने गृह मंत्री जी. परमेश्वर से मिलकर अपनी सफाई देने का प्रयास भी किया, लेकिन उन्हें मिलने का समय नहीं मिला.
विवादों से रहा है पुराना नाता
यह पहली बार नहीं है जब डॉ. रामचंद्र राव विवादों के घेरे में आए हैं. मार्च 2025 में उनकी सौतेली बेटी और कन्नड़ अभिनेत्री रान्या राव को बेंगलुरु हवाई अड्डे पर करोड़ों रुपये के सोना तस्करी मामले में गिरफ्तार किया गया था. उस दौरान भी राव को अनिवार्य छुट्टी पर भेजा गया था, हालांकि बाद में उन्हें बहाल कर दिया गया था. अब इस नए वीडियो कांड ने उनके करियर पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.
विपक्ष का हमला
विपक्षी दल भाजपा ने इस घटना को पुलिस विभाग पर 'काला धब्बा' बताया है. भाजपा नेता एस. सुरेश कुमार ने कहा कि वीडियो की पृष्ठभूमि में राष्ट्रीय ध्वज और पुलिस प्रतीक चिन्ह का दिखना शर्मनाक है. उन्होंने मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच हो ताकि विभाग की गरिमा बहाल की जा सके.












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