BR Gavai Appointed 52nd CJI: जस्टिस भूषण रामकृष्ण गवई ने आज भारत के 52वें मुख्य न्यायाधीश (CJI) के रूप में शपथ ली. राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उन्हें इस पद की शपथ दिलाई. मौजूदा मुख्य न्यायाधीश जस्टिस संजीव खन्ना का कार्यकाल 13 मई को समाप्त हो गया था. वरिष्ठता क्रम में अगला नाम जस्टिस गवई का था, जिस कारण जस्टिस खन्ना ने उनके नाम की सिफारिश की थी. जिनके नाम पर अंतिम मुहर लगने के बाद आज उन्हें मुख्य न्यायाधीश पद की पश्त दिलाई गई. हालांकि जस्टिस गवई का कार्यकाल केवल 7 महीनों का होगा.
देश के पहले बौद्ध मुख्य न्यायाधीश बने गवई
शपथ ग्रहण से पहले मीडिया से अनौपचारिक बातचीत में जस्टिस गवई ने बताया कि वे देश के पहले बौद्ध मुख्य न्यायाधीश बनने जा रहे हैं, जो उनके लिए गौरव की बात है. यह भी पढ़े: VIDEO: जस्टिस बी. आर. गवई बने भारत के 52वें मुख्य न्यायाधीश, शपथ के बाद मां के पैर छूकर लिए आशीर्वाद
गवई बने SC के मुख्य न्यायाधीश
#WATCH | Delhi: President Droupadi Murmu administers oath of office to Justice BR Gavai as the Chief Justice of India (CJI).
(Video Source: President of India/social media) pic.twitter.com/3J9xMbz3kw
— ANI (@ANI) May 14, 2025
युद्ध को लेकर दिया शांति का संदेश
भारत-पाकिस्तान संबंधों और हालिया वैश्विक संघर्षों पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने कहा कि युद्ध से कुछ हासिल नहीं होता. उन्होंने यूक्रेन युद्ध का उदाहरण देते हुए कहा कि लंबे समय से युद्ध चल रहा है, लेकिन इसका कोई सकारात्मक परिणाम नहीं निकला है.
पहलगाम आतंकी हमले पर जताया दुख
जस्टिस गवई ने पहलगाम आतंकी हमले पर गहरा दुख व्यक्त किया. उन्होंने बताया कि जैसे ही उन्होंने इस घटना के बारे में पढ़ा, तत्काल उस समय देश से बाहर मौजूद मुख्य न्यायाधीश से संपर्क कर दो मिनट के मौन का निर्णय लिया गया.
राजनीति में नहीं जाने का फैसला
रिटायरमेंट के बाद राजनीति में शामिल होने की संभावना को पूरी तरह नकारते हुए जस्टिस गवई ने कहा कि उनका राजनीति में जाने का कोई इरादा नहीं है. उन्होंने कहा कि उनके पिता भले ही एक बड़े राजनेता रहे हों, लेकिन वे न्यायपालिका से जुड़ी गरिमा को बनाए रखेंगे और रिटायरमेंट के बाद कोई ऐसा पद स्वीकार नहीं करेंगे जो CJI के प्रोटोकॉल से नीचे हो. जिसमें राज्यपाल का पद भी शामिल है.













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