Jan Vishwas Bill 2026: राज्यसभा में पास हुआ जन विश्वास बिल, 16 अप्रैल को महिला आरक्षण पर होगी अहम चर्चा

Jan Vishwas Bill 2026 Passed In Rajya Sabha: संसद के बजट सत्र के आखिरी दिन राज्यसभा में जन विश्वास (संशोधन प्रावधान) विधेयक 2026 को ध्वनि मत से पास कर दिया गया. इस बिल को सरकार ने कारोबार को आसान बनाने और आम लोगों के जीवन को सरल बनाने की दिशा में बड़ा कदम बताया है. Jaya Bachchan Opposes Transgender Persons Amendment Bill 2026: राज्यसभा में जया बच्चन का हंगामा, ट्रांसजेंडर संशोधन बिल 2026 का किया विरोध, भाषण के दौरान टोका तो भड़क उठीं

इस विधेयक के तहत 23 मंत्रालयों से जुड़े 79 केंद्रीय कानूनों में संशोधन किया जाएगा. कुल 784 प्रावधानों में बदलाव का प्रस्ताव है, जिसमें से 717 प्रावधानों को गैर-आपराधिक बनाया जाएगा. वहीं 67 प्रावधानों में संशोधन कर लोगों और व्यवसायों के लिए प्रक्रियाएं आसान की जाएंगी. सरकार का कहना है कि इस बिल के जरिए 1000 से ज्यादा पुराने और अप्रासंगिक अपराधों को हटाया जाएगा, जिससे एक बेहतर और बिजनेस-फ्रेंडली माहौल तैयार होगा.

पीयूष गोयल ने किया बचाव

विधेयक पर चर्चा के दौरान केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने इसका जोरदार बचाव किया. उन्होंने कहा कि यह बिल आम लोगों, MSME सेक्टर और पशुपालन जैसे क्षेत्रों के लिए फायदेमंद साबित होगा. उन्होंने यह भी कहा कि पहले के कानूनों में कई जगह सजा का प्रावधान अनुचित था, जिसे अब ठीक किया गया है.

गोयल ने कहा कि यह बिल ‘दंड’ से ‘न्याय’ की ओर बढ़ने का प्रयास है, जिसमें छोटी गलतियों पर आपराधिक मुकदमा नहीं चलेगा बल्कि चेतावनी और जुर्माने जैसे विकल्प दिए जाएंगे.

विपक्ष ने उठाए सवाल

विपक्षी दलों ने इस बिल पर सवाल उठाए हैं. कांग्रेस और टीएमसी ने आरोप लगाया कि सरकार चुनावी फायदे के लिए जल्दबाजी में इसे पास करा रही है. टीएमसी सांसद मोहम्मद नदीमुल हक ने कहा कि देश में बड़ी आबादी कम आय में जी रही है, ऐसे में यह बिल किसके लिए है. कांग्रेस नेताओं ने भी चिंता जताई कि कई मामलों में जेल की सजा हटाकर जुर्माना लगाने से जवाबदेही कमजोर हो सकती है.

16 अप्रैल को फिर बैठेगी राज्यसभा

सरकार ने संसद को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित नहीं किया है. संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने बताया कि राज्यसभा अब 16 अप्रैल 2026 को फिर बैठेगी. इस सत्र का मुख्य एजेंडा महिला आरक्षण कानून (नारी शक्ति वंदन अधिनियम) में संशोधन पर चर्चा करना होगा. सरकार लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण लागू करने की दिशा में तेजी लाना चाहती है.

महिला आरक्षण पर होगी जोरदार बहस

आने वाले सत्र में महिला आरक्षण को लेकर जोरदार बहस होने की संभावना है. विपक्षी दलों ने मांग की है कि विधानसभा चुनाव खत्म होने के बाद इस मुद्दे पर सर्वदलीय बैठक बुलाई जाए. सरकार का दावा है कि वह पहले ही करीब 80 प्रतिशत राजनीतिक दलों से इस मुद्दे पर बातचीत कर चुकी है. जन विश्वास बिल अब दोनों सदनों से पास हो चुका है और राष्ट्रपति की मंजूरी का इंतजार कर रहा है.