Jammu and Kashmir: उधमपुर के जंगल में गुफा के पास छिपे आतंकी, सुरक्षाबलों ने ड्रोन से घेरा, अंतिम हमले की तैयारी

जम्मू-कश्मीर के उधमपुर जिले में सुरक्षाबलों और आतंकवादियों के बीच भीषण मुठभेड़ जारी है. जैश-ए-मोहम्मद के दो आतंकी एक प्राकृतिक गुफा में छिपे हुए हैं, जिन्हें आधुनिक ड्रोन और घेराबंदी के जरिए ढेर करने की रणनीति बनाई जा रही है.

प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

जम्मू: जम्मू-कश्मीर (Jammu and Kashmir) के उधमपुर जिले (Udhampur District) में आतंकवाद विरोधी अभियान बुधवार को दूसरे दिन भी जारी रहा. रामनगर क्षेत्र के घने जंगलों में स्थित एक प्राकृतिक गुफा (Cave) में दो से तीन आतंकवादियों (Terrorists) के छिपे होने की पुष्टि हुई है. सुरक्षाबलों ने अत्याधुनिक ड्रोन (UAV) की मदद से गुफा के भीतर से फायरिंग कर रहे आतंकियों की सटीक स्थिति का पता लगा लिया है. ताजा अपडेट के अनुसार, सुरक्षाबल अब गुफा में छिपे इन आतंकियों के खिलाफ 'अंतिम प्रहार' (Final Assault) की तैयारी कर रहे हैं. यह भी पढ़ें: पाकिस्तान में बड़ा आतंकी हमला! अफगान सीमा के पास सैन्य काफिले पर घात लगाकर हमला, 11 सैनिक शहीद

ड्रोन से हुई आतंकियों की पहचान

सुरक्षा अधिकारियों के अनुसार, खुफिया जानकारी के आधार पर मंगलवार शाम को सेना, सीआरपीएफ और जम्मू-कश्मीर पुलिस ने संयुक्त अभियान 'ऑपरेशन किया' (Operation Kiya) शुरू किया था. सर्च ऑपरेशन के दौरान ड्रोन कैमरों ने एक गुफा से आतंकवादियों को सुरक्षाबलों पर गोलीबारी करते हुए कैद किया.

ड्रोन फुटेज से स्पष्ट हुआ है कि आतंकी गुफा का सहारा लेकर छिपने की कोशिश कर रहे हैं. इस घेराबंदी को और मजबूत करने के लिए अतिरिक्त कुमुक और पैराट्रूपर्स को भी मौके पर तैनात किया गया है.

ऑपरेशन की वर्तमान स्थिति

मंगलवार रात को मुठभेड़ के दौरान एक आतंकवादी के घायल होने की खबर है, लेकिन वह रेंगते हुए वापस गुफा के भीतर चला गया. रात भर सुरक्षाबलों ने इलाके को चारों ओर से घेरकर रखा ताकि अंधेरे का फायदा उठाकर आतंकी भाग न सकें.

अमित शाह का महत्वपूर्ण जम्मू दौरा

यह मुठभेड़ ऐसे समय में हो रही है जब केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह गुरुवार, 5 फरवरी से जम्मू-कश्मीर के तीन दिवसीय दौरे पर आ रहे हैं. इस दौरान वह अंतरराष्ट्रीय सीमा (IB) का दौरा करेंगे और जम्मू में एक उच्च स्तरीय सुरक्षा समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करेंगे.

इससे पहले 8 जनवरी को दिल्ली में हुई बैठक में गृह मंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए थे कि जम्मू संभाग के पहाड़ी इलाकों (उधमपुर, कठुआ, राजौरी, पुंछ और डोडा) में सक्रिय विदेशी आतंकवादियों को जल्द से जल्द निष्प्रभावी किया जाए. यह भी पढ़ें: Operation Keller: जम्मू-कश्मीर के शोपियां में 3 कुख्यात आतंकी ढेर, सुरक्षाबलों ने 'ऑपरेशन किलर' चलाकर की कार्रवाई; सर्च ऑपरेशन जारी

आतंकियों का सफाया 'मिशन मोड' पर

सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि ये आतंकी जैश-ए-मोहम्मद (JeM) से जुड़े पाकिस्तानी नागरिक हैं. गृह मंत्री के निर्देशानुसार, सुरक्षा एजेंसियां अब इन इलाकों में 'मिशन मोड' पर काम कर रही हैं. अंतरराष्ट्रीय सीमा पर घुसपैठ को शून्य करने के लिए नई तकनीक और उपकरणों का भी निरीक्षण किया जा रहा है.

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