Gujarat High Court: 'यह दोनों परिवारों के हित में है', गुजरात हाईकोर्ट ने प्रेगनेंट नाबालिग लड़की को उसके प्रेमी के घर भेजा, मां ने की थी गर्भपात की मांग

गुजरात हाईकोर्ट ने बनासकांठा की एक नाबालिग गर्भवती लड़की को उसके बॉयफ्रेंड के माता-पिता के पास रहने की इजाजत दी है.

Representative Image (Photo Credit: Pixabay)

Gujarat High Court: गुजरात हाईकोर्ट ने बनासकांठा की एक नाबालिग गर्भवती लड़की को उसके बॉयफ्रेंड के माता-पिता के पास रहने की इजाजत दी है. मामला तब सामने आया जब लड़की की मां ने अदालत में अपनी 16 वर्षीय बेटी के गर्भपात के लिए याचिका दायर की. यह याचिका तब दाखिल की गई जब नाबालिग लड़की जून 2024 में एक स्थानीय लड़के के साथ घर से भाग गई थी. मामले में लड़की की मां ने नवंबर 2024 में एफआईआर दर्ज करवाई थी. पुलिस ने लड़के पर पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज किया और उसे मेहसाणा के रिमांड होम में भेज दिया.

वहीं, अदालत ने पहले नाबालिग लड़की के गर्भ को समाप्त करने का आदेश दिया था और पालनपुर के सरकारी अस्पताल में गर्भपात कराने को कहा था.

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लड़की ने गर्भपात से किया इनकार

जब लड़की को अस्पताल ले जाया जा रहा था, तब वह फिर से भाग गई. मां ने हाईकोर्ट में दोबारा याचिका दायर की और दावा किया कि उसकी बेटी का अपहरण किया गया. कोर्ट में पेश होने पर नाबालिग लड़की ने गर्भपात कराने से साफ इनकार कर दिया और बताया कि वह अपने बॉयफ्रेंड के माता-पिता के साथ रहना चाहती है.

लड़की ने कोर्ट में बताई अपनी इच्छा

सुनवाई के दौरान लड़की ने कहा कि उसका बॉयफ्रेंड का परिवार उसका अच्छे से ख्याल रखता है और उसे बहू की तरह मानता है. लड़की ने यह भी कहा कि उसकी मां ने शादी के लिए सहमति तो दी थी, लेकिन कुछ "ज्यादा मांगें" रख दीं. हाईकोर्ट ने लड़की की इच्छा का सम्मान करते हुए उसे बॉयफ्रेंड के माता-पिता की कस्टडी में दे दिया. अदालत ने कहा कि यह दोनों परिवारों के हित में है.

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