संचार साथी ऐप का कमाल! 5 लाख से ज्यादा खोए हुए मोबाइल वापस मिले, 1 करोड़ फर्जी सिम बंद, लाखों बैंक खाते फ्रीज

भारत सरकार की 'संचार साथी' पहल से 5.35 लाख से ज़्यादा खोए हुए फोन बरामद हुए हैं. यह ऐप नागरिकों को चोरी हुए फोन को ब्लॉक करने, अपने नाम पर रजिस्टर्ड सिम की जानकारी लेने और धोखाधड़ी की शिकायत करने की सुविधा देता है. इस पहल का मकसद डिजिटल धोखाधड़ी को रोकना और नागरिकों को सुरक्षित रखना है.

संचार साथी ऐप अंग्रेजी, हिंदी और 21 अन्य भारतीय भाषाओं में उपलब्ध है. (Photo : X)

क्या आपका मोबाइल फोन कभी खोया या चोरी हुआ है. अगर हाँ, तो आप जानते होंगे कि यह कितनी बड़ी परेशानी है. लेकिन अब चिंता की बात नहीं है, क्योंकि सरकार की एक शानदार पहल ‘संचार साथी’ (Sanchar Saathi) की मदद से अब तक पूरे भारत में 5.35 लाख से ज़्यादा खोए या चोरी हुए फोन बरामद किए जा चुके हैं.

यह कमाल दूरसंचार विभाग (DoT) के ‘संचार साथी’ कार्यक्रम की वजह से मुमकिन हुआ है. सिर्फ छह महीनों में इस कार्यक्रम के मोबाइल ऐप को 50 लाख से ज़्यादा बार डाउनलोड किया जा चुका है.

क्या है संचार साथी ऐप और यह कैसे काम करता है.

संचार साथी ऐप अंग्रेजी, हिंदी और 21 अन्य भारतीय भाषाओं में उपलब्ध है. यह ऐप आपको कई तरह की सुविधाएँ देता है:

इस पहल की बड़ी सफलताएँ

अधिकारियों का कहना है कि इस पहल की सफलता का राज ‘जन भागीदारी’ यानी आम लोगों की हिस्सेदारी है. लोगों द्वारा की गई शिकायतों से साइबर क्राइम और धोखाधड़ी को रोकने में बड़ी मदद मिली है.

संचार साथी ऐप के मुख्य फीचर्स

  1. चक्षु (Chakshu): किसी भी फ्रॉड कॉल या SMS की तुरंत रिपोर्ट करें.
  2. अपने नाम पर कनेक्शन जानें: पता करें कि आपकी ID पर कितने सिम चल रहे हैं और फर्जी कनेक्शन हटवाएं.
  3. खोया/चोरी हुआ फोन ब्लॉक करें: अपने फोन को दूर से ही ब्लॉक और ट्रेस करें.
  4. हैंडसेट की असलियत जांचें: खरीदने से पहले मोबाइल फोन के असली होने की पुष्टि करें.

संचार साथी पोर्टल मई 2023 में लॉन्च हुआ था और इसकी सफलता के बाद, 17 जनवरी 2024 को इसका मोबाइल ऐप लॉन्च किया गया. यह ऐप गूगल प्ले स्टोर और एप्पल ऐप स्टोर पर डाउनलोड के लिए उपलब्ध है. यह पहल सरकार के डिजिटल इंडिया मिशन का एक अहम हिस्सा है, जिसका मकसद इंटरनेट को हर किसी तक पहुँचाना और डिजिटल धोखाधड़ी से नागरिकों को बचाना है.

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