PM-Kisan 23rd Installment: पीएम-किसान योजना की 23वीं किस्त जल्द होगी जारी, राशि पाने के लिए e-KYC अनिवार्य; जल्द करें प्रक्रिया पूरी

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM-Kisan) योजना के तहत आगामी 23वीं किस्त जारी करने की प्रक्रिया तेज हो गई है. सरकार ने केंद्रीय बजट 2026-27 में इस योजना के लिए ₹60,000 करोड़ आवंटित किए हैं. मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि राशि पाने के लिए ई-केवायसी और बैंक खाता सीडिंग जैसी प्रक्रियाएं पूरी करना अनिवार्य है.

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PM-Kisan 23rd Installment:  प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM-Kisan) योजना से जुड़े देश के करोड़ों छोटे और सीमांत किसानों के लिए केंद्र सरकार की ओर से महत्वपूर्ण प्रशासनिक अपडेट सामने आया है. कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय ने आगामी 23वीं किस्त के सुचारू और पारदर्शी वितरण के लिए तैयारियां तेज कर दी हैं. इस आगामी किस्त को जून-जुलाई 2026 के बीच जारी किए जाने की संभावना है. सरकार का लक्ष्य बिना किसी मध्यस्थ के सीधे पात्र लाभार्थियों तक आर्थिक सहायता पहुंचाना है.

बजट में ₹60,000 करोड़ का बड़ा आवंटन

सरकार ने केंद्रीय बजट 2026-27 में इस महत्वाकांक्षी योजना के लिए 60,000 करोड़ रुपये का भारी-भरकम फंड आवंटित किया है. यह कदम ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने और किसानों की आय सुरक्षा सुनिश्चित करने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है. आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, योजना की शुरुआत से लेकर अब तक देश के पात्र किसान परिवारों को कुल 22 किस्तों के माध्यम से 4.27 लाख करोड़ रुपये से अधिक की सीधी वित्तीय सहायता ट्रांसफर की जा चुकी है. यह भी पढ़े: PM-Kisan Alert: पीएम किसान योजना के लाभार्थियों को भेजे जा रहे फर्जी मैसेज, सरकार ने दी चेतावनी

23वीं किस्त के लिए तीन प्रशासनिक नियम अनिवार्य

कृषि मंत्रालय के दिशा-निर्देशों के मुताबिक, जिन किसानों को पिछली किस्तों का लाभ मिल चुका है या जो नए लाभार्थी के रूप में पोर्टल पर जुड़ रहे हैं, उन्हें 2,000 रुपये की अगली किस्त प्राप्त करने के लिए तीन अनिवार्य कड़ियों को समय रहते पूरा करना होगा:

यदि किसी भी लाभार्थी का इन तीनों में से कोई एक विवरण अधूरा या त्रुटिपूर्ण पाया जाता है, तो आगामी किस्त की राशि रोक दी जाएगी.

ई-केवायसी पूरा करने के आसान माध्यम

किसानों की सुविधा के लिए सरकार ने सत्यापन की प्रक्रिया को बेहद सरल और बहुआयामी बनाया है. इसे तीन तरीकों से पूरा किया जा सकता है:

अपात्रों पर सख्ती और स्टेटस जांच की व्यवस्था

योजना की पारदर्शिता बनाए रखने के लिए सरकार ने डेटाबेस की स्क्रूटनी तेज कर दी है. नियमों के अनुसार, संस्थागत भूमि धारक, आयकर दाता, सरकारी कर्मचारी, विभिन्न विभागों के पेंशनभोगी (10,000 रुपये से अधिक मासिक पेंशन वाले) और संवैधानिक पदों पर आसीन व्यक्ति इस योजना के लिए पूरी तरह अपात्र हैं. गलत तरीके से लाभ लेने वाले अपात्र व्यक्तियों के खिलाफ राज्य सरकारों को सख्त कानूनी कार्रवाई और वसूली करने के निर्देश दिए गए हैं.

किसान अपनी पात्रता और भुगतान की स्थिति जांचने के लिए आधिकारिक पोर्टल पर उपलब्ध 'Know Your Status' विकल्प का उपयोग कर सकते हैं. वहां अपना रजिस्ट्रेशन नंबर और कैप्चा कोड दर्ज करने के बाद, पंजीकृत मोबाइल पर आए ओटीपी के जरिए पूरी लेनदेन हिस्ट्री और ई-केवायसी की लाइव स्थिति देखी जा सकती है.

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