Ladki Bahin Yojana: महाराष्ट्र की महायुती सरकार लाडली बहन योजना के तहत महिलाओं को हर महीने 1500 रुपये देती हैं. लेकिन सरकार के एक फैसले ने लाखों महिलाओं की चिंता बढ़ा दी हैं. दरअसल महाराष्ट्र सरकार ने योजना में एक बदलव के तहत जिन महिअलाओं के पास फोर व्हीलर गाड़ी हैं. उन्हें लिस्ट से बाहर करने के बारे में फैसला लिया है.
महिलाओं का विरोध
सरकार के इस फैसले से परेशान पुणे के पिंपरी-चिंचवाड़ क्षेत्र की रहने वाली एक लाभार्थी महिला ने बताया कि उनके पास एक फोर व्हीलर गाड़ी है, लेकिन ये दस साल पहले खरीदी गई थी. महिला ने यह भी बताया कि 3 साल पहले उसकी नौकरी चली गई थी और उसे अब कोई सैलरी नहीं मिलती. लेकिन उनके पास वह गाड़ी जिसे बेच नही सकती. ऐसे में उसे लिस्ट से बाहर किया जायेगा तो यह गलत हैं. यह भी पढ़े: Ladki Bahin Yojana: महाराष्ट्र में लाडली बहनों की बढ़ी मुश्किलें, फर्जी आवेदकों के खिलाफ कार्रवाई शुरू
कौन ले सकता है इस योजना का लाभ
- महाराष्ट्र निवासी महिला: योजना का लाभ केवल महाराष्ट्र में रहने वाली महिलाओं को ही दिया जाता है.
- उम्र सीमा: योजना का लाभ उन्हीं महिलाओं को मिलेगा जिनकी उम्र 21 वर्ष से 65 वर्ष के बीच होगी.
- पारिवारिक आय: योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए महिला की पारिवारिक आय 2.5 लाख रुपये से ज्यादा नहीं होनी चाहिए.
- वाहन शर्त: यदि महिला के परिवार के पास ट्रैक्टर या चार पहिया वाहन है, तो वह महिला योजना का लाभ नहीं प्राप्त कर सकेगी.
- लाभार्थी महिला: विवाहित, विधवा, तलाकशुदा, परित्यक्ता और निराश्रित महिलाएं इस योजना का लाभ प्राप्त कर सकती हैं.
- महिला के परिवार में कोई भी व्यक्ति इनकम टैक्स भरता है तो उस महिला को योजना का लाभ नहीं मिलेगा
विपक्ष ने फडणवीस सरकार को घेरा
सरकार के इस फैसले को लेकर विपक्षी पार्टियों में प्रदेश की सरकार को घेरा हैं. कांग्रेस ने कहा कि कई ऐसी महिलाएं हैं. जिन्होंने कोरोना महामारी आने से पहले गाड़ी ली थी, लेकिन महामारी के बीच उनकी नौकरी चली गई. अब वह उस गाड़ी की ईएमआई भर पाने की भी स्थिति में नहीं हैं. ऐसे लोगों के पास कार तो है, लेकिन नौकरी या आय नहीं. ऐसे लोगों को अयोग्य कैसे ठहराया जा सकता है. जो गलत हैं?
शरद पवार ने सरकार की आलोचना की
शरद पवार ने महाराष्ट्र सरकार के इस कदम की आलोचना की है. उन्होंने कहा है कि इस तरह से महिलाओं को लाभार्थियों की लिस्ट से हटाकर उनका अपमान किया जा रहा है. यह उनके साथ धोखेबाजी है.
RTO ने कार रखने वाली महिलाओं के मगाए लिस्ट
दरअसल अंग्रेजी अखबार इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक पुणे जिला परिषद के डेपुटी चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर जामसिंह गिरासे (Executive Officer Jamsingh Girase) ने बताया कि इन महिलाओं को सिर्फ लाभार्थियों की सूची से हटाने का ही प्रस्ताव है. उनके खिलाफ कोई और जांच नहीं होगी और ना ही उनके ऊपर किसी तरह का जुर्माना लगाया जाएगा. गिरासे ने आगे कहा कि उन्होंने आरटीओ (RTO) से ऐसी महिलाओं की लिस्ट मांगी है और एक महीने के भीतर ये प्रक्रिया पूरी हो जाएगी.













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