Magha Gupta Navratri 2026 Wishes in Hindi: हिंदू पंचांग के अनुसार, वर्ष में चार बार नवरात्रि आती है, जिनमें से दो प्रत्यक्ष (चैत्र और शारदीय) और दो 'गुप्त' होती हैं. वर्ष 2026 की पहली माघ गुप्त नवरात्रि (Magha Gupta Navratri) जनवरी माह के अंत में शुरू हो रही है. यह समय तंत्र-मंत्र की साधना, शक्ति की उपासना और कठिन मानसिक संकल्पों की पूर्ति के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है. गुप्त नवरात्रि में माता दुर्गा (Maa Durga) के नौ स्वरूपों के बजाय 10 महाविद्याओं (मां काली, तारा देवी, त्रिपुर सुंदरी, भुवनेश्वरी, छिन्नमस्ता, भैरवी, धूमावती, बगलामुखी, मातंगी और कमला देवी) की पूजा का विधान है. इस साल माघ गुप्त नवरात्रि की शुरुआत 19 जनवरी 2026 से हो रही है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, 'गुप्त' नवरात्रि मुख्य रूप से साधकों, तांत्रिकों और उन लोगों के लिए होती है जो अपनी भक्ति को गोपनीय रखकर विशेष सिद्धियां प्राप्त करना चाहते हैं.
माना जाता है कि गुप्त नवरात्रि के दौरान की गई पूजा को जितना 'गुप्त' रखा जाता है, उसका फल उतना ही अधिक मिलता है. गृहस्थ जीवन में आ रही शत्रु बाधा, रोग और गृह क्लेश को दूर करने के लिए इन नौ दिनों में मां दुर्गा के सप्तशती का पाठ करना फलदायी होता है. इस अवसर पर आप इन हिंदी विशेज, वॉट्सऐप मैसेजेस, फेसबुक ग्रीटिंग्स के जरिए अपनों को माघ गुप्त नवरात्रि की शुभकामनाएं दे सकते हैं. यह भी पढ़ें: Magh Gupt Navratri 2026: कब से शुरु हो रही है माघ गुप्त नवरात्रि? जानें कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त, मां काली को जरूर लगाएं यह भोग





गुप्त नवरात्रि में सामान्य नवरात्रि की तरह ही कलश स्थापना की जाती है और अखंड ज्योति जलाई जाती है. हालांकि, इसमें सात्विक पूजा के साथ-साथ तामसिक पूजा (साधकों द्वारा) भी की जाती है. आम भक्तों के लिए सुबह-शाम 'ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे' मंत्र का जाप और दुर्गा चालीसा का पाठ करना पर्याप्त माना जाता है. ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, गुप्त नवरात्रि के दौरान तामसिक भोजन (प्याज, लहसुन, मांस-मदिरा) का पूरी तरह त्याग करना चाहिए और ब्रह्मचर्य का पालन करना चाहिए. इस दौरान किसी का अपमान करना या झूठ बोलना साधना के फल को नष्ट कर सकता है.













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