Ladki Bahin Yojana: महाराष्ट्र की मुख्यमंत्री माझी लाडली बहन योजना, जो राज्य सरकार की महत्वपूर्ण योजनाओं में से एक है, विवादों में घिर गई है. जांच में पता चला है कि इस योजना के दायरे में न आने वाली करीब 2,289 सरकारी महिला कर्मचारी भी इसका लाभ उठा रही थीं. जांच के बाद इन लाभार्थियों के नाम योजना की लिस्ट से हटा दिए गए हैं.
2 लाख आवेदनों की जांच में चला पता
महाराष्ट्र सरकार की महिला एवं बाल विकास मंत्री अदिति तटकरे ने इस बात की पुष्टि की है और बताया कि लगभग 2 लाख आवेदनों की जांच के दौरान यह तथ्य सामने आया. उन्होंने कहा कि ऐसे अपात्र लाभार्थियों को योजना का लाभ नहीं दिया जा रहा है. मंत्री ने यह भी साफ किया कि सरकार केवल पात्र महिलाओं को ही योजना का लाभ देना सुनिश्चित करेगी और इसके लिए जांच प्रक्रिया लगातार जारी रहेगी. यह भी पढ़े: Fraud in Ladki Bahin Yojana: महाराष्ट्र की 2,652 महिला सरकारी कर्मचारियों ने किया बड़ा फ्रॉड, अब सरकार वसूलेगी 3.58 करोड़ रुपये
लाडकी बहन योजना की जांच में बड़ा खुलासा
"लाभार्थ्यांची पडताळणी" ही कोणत्याही योजनेच्या अंमलबजावणीतील सर्वसाधारण व नियमित प्रक्रिया आहे. मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहीण योजनेच्या अंमलबजावणीतही ही प्रक्रिया राबवली जाते. या प्रक्रियेत सेवार्थ मधील जवळपास २ लाख अर्जांची पडताळणी केल्यानंतर त्यात सुमारे २२८९ सरकारी कर्मचाऱ्यांनी…
— Aditi S Tatkare (@iAditiTatkare) May 30, 2025
सरकार वसूल सकती है पैसे!
महिला सरकारी कर्मचारियों के फ्रॉड की वजह से 3.58 करोड़ रुपये का सरकारी खजाने का नुकसान हुआ है. इसमे सरकार उन पैसों को वसूल सकती हैं. मामले में सरकारी अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि अगर अन्य अयोग्य लाभार्थी स्वेच्छा से योजना की रकम वापस नहीं करते, तो उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी.
21 से 65 वर्ष की उम्र की महिलाओं को मिलाता है लाभ
मुख्यमंत्री माझी लाडली बहन योजना के तहत 21 से 65 वर्ष की आयु की पात्र महिलाओं को प्रति माह 1,500 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है.
पिछले साल जुलाई महीने में शुरू हुई थी यह योजना
यह योजना पिछले साल जुलाई में शुरू की गई थी, और अब तक लाभार्थियों को 10 किश्तें मिल चुकी हैं. मई महीने की 11वीं किश्त अभी जारी होनी बाकी है, जिसकी तारीख सरकार ने अभी घोषित नहीं की है.










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