Ladki Bahin Yojana Update: महाराष्ट्र में रक्षाबंधन से पहले लाडकी बहनों को तोहफ़ा, 9 अगस्त से पहले जुलाई महीने की ₹1500 की किस्त खाते में होगी जमा
Ladli Behna Yojana Maharashtra

Ladki Bahin Yojana 13th Installment: महाराष्ट्र में रक्षाबंधन से पहले लाडकी बहनों  के लिए तोहफ़ा हैं.  महाराष्ट्र सरकार रक्षाबंधन के अवसर पर जुलाई 2025 की 13वीं किस्त, यानी 1500 रुपये, लाभार्थी महिलाओं के बैंक खातों में 9 अगस्त 2025 से पहले जमा करेगी. इसकी घोषणा महिला एवं बाल विकास मंत्री अदिति तटकरे ने पिछले सप्ताह की थी.

7 या 8 अगस्त को जारी होगी क़िस्त

यानी रक्षाबंधन 9 अगस्त को हैं और सरकार जुलाई की 1500 रुपये की किस्त 7 या 8 अगस्त को पात्र महिलाओं के खातों में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से जमा करेगी. इसके लिए सरकार की तरफ से फंड भी विभाग की तरफ से आवंटित कर दिया गया है. यह भी पढ़े: Ladki Bahin Yojana Update: महाराष्ट्र में लाडकी बहनों के लिए खुशखबरी! रक्षाबंधन से पहले इस डेट को जारी होगी जुलाई महीने की 13वीं क़िस्त, ऐसे चेक करें बैलेंस

 महिलाओं का रक्षाबंधन का तोहफा

रक्षाबंधन के अवसर पर जुलाई की किस्त का समय पर भुगतान महिलाओं को इस त्योहार को और उत्साह के साथ मनाने का मौका देगा. यह योजना न केवल आर्थिक सहायता प्रदान कर रही है, बल्कि महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही है.

पात्रता और अपात्रता

योजना के तहत 21 से 65 वर्ष की महिलाएं, जिनके परिवार की वार्षिक आय 2.5 लाख रुपये से कम है, पात्र हैं. हालांकि, कुछ लाभार्थियों को अपात्र घोषित किया गया है, जिनमें अन्य योजनाओं (जैसे संजय गांधी निराधार योजना या नमोशक्ति योजना) का लाभ लेने वाली महिलाएं, 65 वर्ष से अधिक उम्र की महिलाएं, और जिनके परिवार के नाम पर चार-पहिया वाहन दर्ज हैं, शामिल हैं. इसके अलावा, 26.34 लाख लाभार्थियों के लाभ को अस्थायी रूप से निलंबित किया गया है, जिनके दस्तावेजों की जांच जिला कलेक्टरों द्वारा की जा रही है.

योजना का उद्देश्य और लाभ

मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहीण योजना का मुख्य उद्देश्य  आर्थिक रूप से कमजोर महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना है. इस योजना के तहत पात्र महिलाओं को हर महीने 1500 रुपये (18,000 रुपये वार्षिक) की आर्थिक सहायता दी जाती है. यह योजना ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों की महिलाओं को छोटे-मोटे खर्चों के लिए दूसरों पर निर्भरता कम करने में मदद कर रही है, जिससे उनका आत्मविश्वास और आर्थिक सशक्तिकरण बढ़ रहा है.