Indian Economy GDP Growth Rate: भारत की अर्थव्यवस्था में अक्टूबर-दिसंबर तिमाही के दौरान मजबूती देखने को मिली है. नेशनल स्टैटिस्टिकल ऑफिस (NSO) द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, देश की GDP इस तिमाही में 6.2% की दर से बढ़ी है, जो पिछली तिमाही (जुलाई-सितंबर) में 5.6% थी. सरकार और उपभोक्ता खर्च में बढ़ोतरी, निर्यात में सुधार और कृषि क्षेत्र की मजबूती ने आर्थिक वृद्धि को रफ्तार दी है. सरकारी खर्च में 8.3% की वृद्धि दर्ज की गई, जबकि पिछली तिमाही में यह 3.8% थी.
वहीं, निजी उपभोग व्यय (कंजम्प्शन स्पेंडिंग) 6.9% बढ़ा, जो पिछले तीन महीनों में 5.9% था. इससे संकेत मिलता है कि अर्थव्यवस्था में मांग और उपभोक्ता विश्वास दोनों बढ़ रहे हैं.
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तीसरी तिमाही में 6.2% की ग्रोथ दर्ज
#WATCH | Delhi | On GDP grows 6.2% in Q3, Chief Economist at Infomerics India, Dr Manoranjan Sharma says, "We see this number in a positive light because if you recall the last quarter numbers came it 5.4 per cent... There seems to be a broad-based pickup in economic activities,… pic.twitter.com/TiEKQNeTjR
— ANI (@ANI) March 1, 2025
मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में सुधार की जरूरत
निर्माण (मैन्युफैक्चरिंग) क्षेत्र की वृद्धि दर 3.5% रही, जो पिछली तिमाही के 2.1% से ज्यादा है, लेकिन पिछले साल की समान तिमाही के 14% से काफी कम है. इससे संकेत मिलता है कि विनिर्माण क्षेत्र में अभी भी सुधार की आवश्यकता है.
कृषि क्षेत्र बना आर्थिक मजबूती की रीढ़
कृषि क्षेत्र की वृद्धि दर 5.6% रही, जो पिछली तिमाही के 4.1% से अधिक है. इससे ग्रामीण मांग को बढ़ावा मिला, जिससे समग्र अर्थव्यवस्था को मजबूती मिली.
सेवा क्षेत्र में मजबूती बरकरार
वित्त, बीमा, रियल एस्टेट और पेशेवर सेवाएं 7% से अधिक की दर से बढ़ीं, जिससे अर्थव्यवस्था को मजबूती मिली/
आर्थिक अनुमान और चुनौतियां
NSO ने पूरे वित्त वर्ष 2024-25 के लिए 6.5% की विकास दर का अनुमान लगाया है, जो पहले 6.4% थी. हालांकि, इस लक्ष्य को पाने के लिए चौथी तिमाही में 7.6% की विकास दर हासिल करनी होगी, जो वैश्विक आर्थिक संकट और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नई टैरिफ नीति के प्रभाव के कारण चुनौतीपूर्ण हो सकता है.













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