पिछले 48 घंटों में भारतीय सर्राफा बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है, जिसने निवेशकों और आम ग्राहकों दोनों को चौंका दिया है. इस अचानक आई गिरावट ने बाजार में हलचल मचा दी है, जहां एक ओर खरीदार इसे खरीदारी का अच्छा अवसर मान रहे हैं, वहीं दूसरी ओर निवेशक भविष्य की कीमतों को लेकर असमंजस में हैं. विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक आर्थिक संकेतों और अंतर्राष्ट्रीय बाजार में हुए बदलावों का सीधा असर घरेलू कीमतों पर पड़ा है.
कितने रुपए कम हुए दाम?
राजधानी दिल्ली और मुंबई जैसे प्रमुख बाजारों में सोने की कीमतों में प्रति 10 ग्राम पर ₹X (कृपया नवीनतम आंकड़ों के लिए नीचे दिए गए सर्च परिणाम देखें) तक की कमी देखी गई है, जबकि चांदी की कीमतों में प्रति किलोग्राम पर ₹Y (कृपया नवीनतम आंकड़ों के लिए नीचे दिए गए सर्च परिणाम देखें) तक की गिरावट आई है. यह गिरावट पिछले कुछ समय में देखी गई सबसे बड़ी दैनिक गिरावटों में से एक है, जिसने बाजार विश्लेषकों को भी हैरान कर दिया है. इस कमी के बाद, 24 कैरेट सोने का भाव ₹Z (कृपया नवीनतम आंकड़ों के लिए नीचे दिए गए सर्च परिणाम देखें) प्रति 10 ग्राम के आसपास आ गया है, जबकि चांदी ₹A (कृपया नवीनतम आंकड़ों के लिए नीचे दिए गए सर्च परिणाम देखें) प्रति किलोग्राम पर कारोबार कर रही है.
गिरावट के पीछे के कारण
सोने और चांदी की कीमतों में इस भारी गिरावट के पीछे कई वैश्विक और घरेलू कारक जिम्मेदार माने जा रहे हैं. प्रमुख कारणों में से एक अमेरिकी डॉलर का मजबूत होना है। जब डॉलर मजबूत होता है, तो अन्य मुद्राओं वाले निवेशकों के लिए सोना महंगा हो जाता है, जिससे इसकी मांग में कमी आती है. इसके अतिरिक्त, वैश्विक शेयर बाजारों में तेजी और बॉन्ड यील्ड में वृद्धि ने भी निवेशकों को सुरक्षित निवेश के तौर पर सोने से दूर कर इक्विटी और अन्य जोखिम भरी संपत्तियों की ओर आकर्षित किया है. केंद्रीय बैंकों द्वारा ब्याज दरों में संभावित वृद्धि की अटकलें भी सोने की चमक फीकी कर रही हैं, क्योंकि उच्च ब्याज दरें सोने को कम आकर्षक बनाती हैं. भू-राजनीतिक तनाव में कमी और कच्चे तेल की कीमतों में स्थिरता भी सोने को सुरक्षित पनाहगाह के रूप में कम आकर्षक बना रही है.
आगे क्या? निवेशकों और ग्राहकों के लिए सलाह
विशेषज्ञों का मानना है कि यह गिरावट अल्पकालिक हो सकती है, लेकिन बाजार की अस्थिरता बनी रह सकती है. कुछ विश्लेषकों का मानना है कि यह उन ग्राहकों के लिए खरीदारी का एक अच्छा अवसर हो सकता है जो लंबे समय से सोने और चांदी में निवेश करने की सोच रहे थे. हालांकि, निवेशकों को सलाह दी जाती है कि वे किसी भी बड़े निवेश से पहले बाजार के रुझानों का सावधानीपूर्वक विश्लेषण करें और वित्तीय सलाहकारों से परामर्श लें। आने वाले दिनों में वैश्विक आर्थिक आंकड़ों और केंद्रीय बैंकों की नीतियों पर बाजार की नजर रहेगी, जो सोने और चांदी की कीमतों की अगली दिशा तय करेंगे.













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