जरुरी जानकारी

7th Pay Commission: अंडमान-निकोबार द्वीप समूह में कार्यरत केंद्रीय कर्मचारियों को मिलता है यह खास भत्ता, फायदे जानकर रह जाएंगे हैरान

देशभर में कार्यरत लाखों केंद्रीय कर्मचारियों को कई तरह के भत्ते मिलते है. महंगाई, यात्रा, एचआरए आदि भत्तों से अधिकांश लोग तो वाकिफ हैं लेकिन इनसे अलग भी कुछ ऐसे भत्तों की एक दुनिया है, जिसके बारे में बहुत कम लोगों को ही जानकारी है.

7th Pay Commission: अंडमान-निकोबार द्वीप समूह में कार्यरत केंद्रीय कर्मचारियों को मिलता है यह खास भत्ता, फायदे जानकर रह जाएंगे हैरान
रुपया (Photo Credits: PTI)

7th CPC News: देशभर में कार्यरत लाखों केंद्रीय कर्मचारियों को कई तरह के भत्ते मिलते है. महंगाई, यात्रा, एचआरए आदि भत्तों से अधिकांश लोग तो वाकिफ हैं लेकिन इनसे अलग भी कुछ ऐसे भत्तों की एक दुनिया है, जिसके बारे में बहुत कम लोगों को ही जानकारी है. ऐसी ही कुछ महत्वपूर्ण भत्तों के बारे में हम आपको बताने जा रहे है जो केंद्र सरकार द्वारा अपने कर्मचारियों को अदा किये जाते है. जिनके बारे में जानकर आप भी हैरान रह जाएंगे. 7th Pay Commission: नए साल से पहले इन कर्मचारियों को मिली बड़ी सौगात, सैलरी में हुआ इजाफा

देशभर के सरकारी महकमों में सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों के लागू होने के बाद से कर्मचारियों के मूल वेतन समेत भत्तों में बड़ा बदलाव आया. सातवे केंद्रीय वेतन आयोग की सिफारिश के अनुरूप कावरत्ती और अगात्ती को छोड़कर लक्षद्वीप संघ राज्यक्षेत्र द्वीपसमूह में और निकोबार द्वीपसमूह में तैनात केन्द्र सरकार के कर्मचारियों को कठिन क्षेत्र भत्ता दिया जाता है.

मोदी सरकार द्वारा सातवें केन्द्रीय वेतन आयोग की सिफारिश स्वीकार किए जाने के परिणामस्वरुप निकोबार द्वीपसमूह के द्वीपों में तथा लक्षद्वीप द्वीपसमूह के मिनिकॉय, किलतन, एड्रोंट, कल्रपेनी, चेतलत, कदमत, अमिनी और बिथरा में तैनात केन्द्र सरकार के कर्मचारियों को कठिन क्षेत्र भत्ते का भुगतान निम्नलिखित दरों पर किया जाता है-

  • निकोबार द्वीपसमूह के द्वीपों में तथा लक्षद्वीप द्वीपसमूह के मिनिकॉय द्वीप में- मूल वेतन का 20%
  • लक्षद्वीप द्वीपसमूह के द्वीपों (किलतन, एड्रोंट, कलपेनी, चेतलत, कदमत, अमिनी और बिथरा दवीपसमूह) में- मूल वेतन का 12%

वहीं, ऐसे स्थान जहां एक से अधिक विशेष प्रतिकर भत्ते स्वीकार्य हैं, वहां तैनात केन्द्र सरकार के कर्मचारियों के पास उस भत्ते का चुनाव करने का विकल्प है, जिससे उन्हें सर्वाधिक लाभ होता हो रहा है. जबकि कठिन क्षेत्र भत्ता द्वीपसमूह विशेष ड्यूटी भता के अतिरिक्त मानी होगा. यह 1 जुलाई 2017 से लागू हो चुका है.

(The above story first appeared on LatestLY on Dec 21, 2020 11:08 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).