Indore Organ Donation: 49 साल के ब्रेन डेड शख्स को राजकीय सम्मान, अंतिम संस्कार के दौरान गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया; जानिए क्यों
मध्य प्रदेश सरकार ने इंदौर में अंगदान करने वाले 49 वर्षीय विजय जायसवाल को 'गार्ड ऑफ ऑनर' के साथ अंतिम विदाई दी. सड़क हादसे में ब्रेन डेड घोषित होने के बाद उनके परिवार ने अंगदान का फैसला किया, जिससे चार लोगों को नया जीवन मिला.
इंदौर/खरगोन: मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) की 'अंगदान राजधानी' (Organ Donation Capital) कहे जाने वाले इंदौर (Indore) ने एक बार फिर मानवता की मिसाल पेश की है. खरगोन (Khargone) के रहने वाले 49 वर्षीय विजय जायसवाल (Vijay Jaiswal) को गुरुवार, 19 फरवरी 2026 को उनके अंतिम संस्कार के दौरान राज्य सरकार द्वारा 'गार्ड ऑफ ऑनर' (Guard of Honour) और राजकीय सम्मान के साथ विदाई दी गई. विजय जायसवाल के 'ब्रेन डेड' (Brain Dead) घोषित होने के बाद उनके परिजनों ने अंगदान का साहसी फैसला लिया, जिससे कई गंभीर रूप से बीमार मरीजों को जीवनदान मिला है. यह भी पढ़ें: Bhopal: पीपुल्स यूनिवर्सिटी में बम की धमकी से मचा हड़कंप, संदिग्ध ईमेल में 'सायनाइड बम' और सुसाइड अटैक का जिक्र (Watch Video)
सड़क हादसा और अंगदान की प्रक्रिया
पेशे से प्रॉपर्टी डीलर विजय जायसवाल 15 फरवरी को एक सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल हो गए थे. उन्हें इंदौर के विशेष जुपिटर अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें बचाने की हरसंभव कोशिश की. हालांकि, स्थिति में सुधार न होने पर मेडिकल बोर्ड ने उन्हें 'ब्रेन डेड' घोषित कर दिया.
इसके बाद 'इंदौर सोसाइटी फॉर ऑर्गन डोनेशन' और 'मुस्कान ग्रुप' के साथ परामर्श के बाद विजय की पत्नी आराधना जायसवाल और उनके परिवार ने अंगदान की सहमति दी. शल्य चिकित्सकों ने उनके शरीर से हृदय, लिवर और दोनों किडनियां प्राप्त कीं.
'ग्रीन कॉरिडोर' के जरिए समय पर पहुंचे अंग
अंगों को सुरक्षित और कम से कम समय में जरूरतमंदों तक पहुंचाने के लिए इंदौर पुलिस और स्वास्थ्य विभाग ने बुधवार देर रात शहर में 66वां ग्रीन कॉरिडोर बनाया.
हृदय: विशेष विमान के जरिए अहमदाबाद के मरेन्गो सिम्स (Marengo CIMS) अस्पताल भेजा गया.
किडनी और लिवर: इंदौर के ही चोइथराम और जुपिटर अस्पतालों में भर्ती प्रतीक्षा सूची वाले मरीजों में सफलतापूर्वक प्रत्यारोपित किए गए.
राजकीय सम्मान और गार्ड ऑफ ऑनर
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा जुलाई 2025 में लागू की गई नई नीति के तहत, अंगदान करने वाले दाताओं को अब राजकीय सम्मान के साथ विदाई दी जाती है. खरगोन में आयोजित अंतिम संस्कार के दौरान पुलिस की टुकड़ी ने राइफलें सलामी की स्थिति में लाकर विजय जायसवाल को अंतिम सलामी दी.
इस अवसर पर जिला प्रशासन और पुलिस के आला अधिकारी मौजूद रहे. विजय की पत्नी आराधना ने भावुक होते हुए कहा, 'मेरे पति के जाने का दुख बहुत बड़ा है, लेकिन यह जानकर सुकून मिलता है कि उनके कारण तीन-चार परिवारों के घरों में फिर से खुशियां लौटेंगी.' यह भी पढ़ें: VIDEO: इंदौर में खौफनाक हादसा, बालकनी में कपड़े सुखाते समय असंतुलित होकर पहली मंजिल से गिरी महिला; CCTV में कैद हुई घटना
अंगदान में इंदौर का नेतृत्व
इंदौर शहर पिछले एक दशक से अंगदान के क्षेत्र में देश का नेतृत्व कर रहा है. सरकार की सक्रिय नीतियों और स्थानीय संस्थाओं के प्रयासों से यहां अंगदान अब एक जन-आंदोलन का रूप ले चुका है. विजय जायसवाल को मिला यह सम्मान न केवल उनके बलिदान को मान्यता देता है, बल्कि समाज में अंगदान के प्रति झिझक को कम करने और जागरूकता फैलाने का भी काम करता है.