नई दिल्ली: भारत की सबसे बड़ी घरेलू एयरलाइन, इंडिगो (InterGlobe Aviation Ltd) ने मंगलवार, 31 मार्च 2026 को एक बड़े नेतृत्व परिवर्तन की घोषणा की है. कंपनी के बोर्ड ने पूर्व ब्रिटिश एयरवेज प्रमुख और वर्तमान में इंटरनेशनल एयर ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन (IATA) के महानिदेशक विलियम 'विली' वॉल्श को अपना नया मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) नियुक्त करने की मंजूरी दे दी है. वॉल्श की यह नियुक्ति विमानन मंत्रालय से आवश्यक सुरक्षा मंजूरी मिलने के बाद प्रभावी होगी.
अगस्त 2026 से संभालेंगे जिम्मेदारी
विलियम वॉल्श वर्तमान में वैश्विक विमानन निकाय IATA के प्रमुख हैं, जहां उनका कार्यकाल 31 जुलाई, 2026 को समाप्त हो रहा है. इंडिगो द्वारा जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, वह 3 अगस्त, 2026 तक एयरलाइन में अपनी नई भूमिका संभाल लेंगे. उनकी नियुक्ति ऐसे समय में हुई है जब इंडिगो अपने अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क का विस्तार करने और परिचालन दक्षता को और मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित कर रही है. यह भी पढ़े: Indigo Flight Emergency Landing: दिल्ली के IGI एयरपोर्ट पर इंडिगो विमान की इमरजेंसी लैंडिंग, इंजन में खराबी की आशंका, पायलट समेत सभी सुरक्षित
क्यों खास है विलियम वॉल्श का चयन?
विमानन जगत में 'विली' के नाम से मशहूर वॉल्श के पास इस क्षेत्र का चार दशकों से अधिक का अनुभव है. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत एक पायलट के रूप में की थी और बाद में ब्रिटिश एयरवेज (2005-2011) और इंटरनेशनल एयरलाइंस ग्रुप (IAG) के सीईओ के रूप में बड़ी सफलता हासिल की. इंडिगो के प्रबंध निदेशक राहुल भाटिया ने उनका स्वागत करते हुए कहा कि वॉल्श का वैश्विक दृष्टिकोण और परिचालन विशेषज्ञता इंडिगो के विकास के अगले चरण के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण साबित होगी.
पीटर एल्बर्स के इस्तीफे के बाद हुआ बदलाव
यह नियुक्ति पीटर एल्बर्स (Pieter Elbers) के अचानक इस्तीफे के बाद हुई है, जिन्होंने व्यक्तिगत कारणों का हवाला देते हुए 10 मार्च, 2026 को पद छोड़ दिया था. एल्बर्स का इस्तीफा दिसंबर 2025 में इंडिगो द्वारा झेले गए बड़े परिचालन संकट (Operational Crisis) के कुछ महीनों बाद आया था, जिसमें हजारों उड़ानें रद्द हुई थीं. वर्तमान में राहुल भाटिया अंतरिम सीईओ के रूप में कामकाज देख रहे हैं.
इंडिगो के लिए आगे की राह
विलियम वॉल्श के नेतृत्व में इंडिगो की नजर अपने अंतरराष्ट्रीय पदचिह्नों को और गहरा करने पर है. 400 से अधिक विमानों के बेड़े के साथ इंडिगो वर्तमान में भारतीय बाजार में लगभग 64% हिस्सेदारी रखती है. नए सीईओ के सामने सबसे बड़ी चुनौती एयरलाइन की समयबद्धता (On-time performance) को बनाए रखना और प्रतिस्पर्धी वैश्विक बाजार में इंडिगो को एक प्रमुख अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी के रूप में स्थापित करना होगा.













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