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COVID-19: देश में बढ़ रहा कोरोना का खतरा, 1000 के पार हुए एक्टिव केस, इन राज्यों में सबसे अधिक मामले

भारत में कोरोना संक्रमण एक बार फिर धीरे-धीरे बढ़ रहा है. 26 मई 2025 को स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, देश में कुल सक्रिय मामलों की संख्या 1009 हो गई है, जो कि 19 मई को मात्र 257 थी.

COVID-19: देश में बढ़ रहा कोरोना का खतरा, 1000 के पार हुए एक्टिव केस, इन राज्यों में सबसे अधिक मामले
Representational Image | PTI

नई दिल्ली: भारत में कोरोना संक्रमण एक बार फिर धीरे-धीरे बढ़ रहा है. 26 मई 2025 को स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, देश में कुल सक्रिय मामलों की संख्या 1009 हो गई है, जो कि 19 मई को मात्र 257 थी. हालांकि ज्यादातर केस माइल्ड (हल्के लक्षण) वाले हैं और अस्पताल में भर्ती की आवश्यकता नहीं पड़ी है, फिर भी कई राज्यों ने सतर्कता बरतनी शुरू कर दी है. स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा है कि अभी हालात नियंत्रण में हैं और अस्पतालों में मरीजों की भीड़ नहीं है. लेकिन बुजुर्गों, बच्चों और पहले से बीमार लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है. मास्क पहनना, हाथ धोना और भीड़ से बचना अभी भी कारगर उपाय हैं.

किन राज्यों में सबसे ज्यादा बढ़े केस?

इस बार दक्षिण और पश्चिम भारत के कुछ राज्यों में कोविड मामलों की संख्या तेजी से बढ़ी है. आंकड़ों के अनुसार:

  • केरल: 335 एक्टिव केस
  • महाराष्ट्र: 153 एक्टिव केस
  • दिल्ली: 100 एक्टिव केस
  • गुजरात: 76 एक्टिव केस
  • कर्नाटक: 34 एक्टिव केस

इन राज्यों में पिछले सप्ताह की तुलना में मामलों में तीव्र वृद्धि देखी गई है. उदाहरण के तौर पर, 12 से 19 मई के बीच केरल में केवल 69 केस थे, जो अब बढ़कर 335 हो गए हैं.

बिहार और झारखंड में भी नए केस

इस लहर में अब तक बिहार और झारखंड जैसे राज्यों में कोई केस नहीं थे, लेकिन अब वहां भी पहले केस सामने आ गए हैं. बात करें बिहार की तो पटना के एक 31 वर्षीय व्यक्ति को कोविड पॉजिटिव पाया गया है, जिनकी कोई यात्रा इतिहास नहीं है. उन्हें निजी अस्पताल में भर्ती किया गया है. झारखंड के रांची में मुंबई से लौटे एक व्यक्ति की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है, जिससे राज्य में इस लहर का पहला मामला दर्ज हुआ है.

कर्नाटक ने शुरू की तैयारियां

कर्नाटक के स्वास्थ्य मंत्री दिनेश गुंडु राव ने बताया कि राज्य सरकार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और टेस्टिंग बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं. उन्होंने कहा, “जहां जरूरत हो वहां टेस्टिंग अनिवार्य की जाएगी, खासकर SARI और ILI (श्वसन संक्रमण और फ्लू जैसे लक्षण) वाले बच्चों और बुजुर्गों में.” साथ ही RT-PCR टेस्ट किट्स को सरकारी और निजी अस्पतालों में भेजा जा रहा है. सप्ताह में एक बार तकनीकी सलाहकार समिति की बैठकें होंगी, ताकि समय-समय पर दिशा-निर्देशों की समीक्षा की जा सके.

केंद्र सरकार भी सतर्क, सभी राज्यों से रिपोर्ट ली

केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने आईसीएमआर, एनसीडीसी और अन्य एजेंसियों के साथ मिलकर देशभर के हालात की समीक्षा की है. INSACOG के अनुसार, इस लहर में कुछ नए कोविड वेरिएंट भी सामने आए हैं: NB.1.8.1 – 1 मामला, LF.7 – 4 मामले.

हालांकि ये वेरिएंट अभी "Variants Under Monitoring" (VUMs) की श्रेणी में हैं और खतरनाक घोषित नहीं किए गए हैं, फिर भी WHO इन पर नजर रख रहा है. भारत में इस समय सबसे अधिक फैला वेरिएंट JN.1 है, जो कुल मामलों का 53 फीसदी है. इसके बाद BA.2 (26%) और अन्य ओमिक्रॉन-आधारित वेरिएंट हैं.

(The above story first appeared on LatestLY on May 26, 2025 03:45 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).