Indian Navy: भारतीय नौसेना 325वें रूसी नौसेना दिवस समारोह का बनेगी हिस्सा
जहाज हथियारों और सेंसर की एक बहुमुखी रेंज से लैस है और भारतीय नौसेना के शुरूआती स्टील्थ फ्रिगेट्स में से एक है. 25 जुलाई 2021 को रूसी नौसेना दिवस परेड के दौरान, आईएनएस तबर जहाजों के स्तंभ में शामिल हो जाएगा जिसकी समीक्षा रूसी संघ के राष्ट्रपति द्वारा की जाएगी.
नई दिल्ली: भारतीय नौसेना (Indian Navy) रूसी नौसेना (Russian Navy) के 325वें नौसेना दिवस समारोह में भाग लेगी और सैन्य संबंधों को बढ़ाने के लिए उनके साथ समुद्री अभ्यास करेगी. भारतीय नौसैनिक जहाज (Indian Naval Ship) तबर रूस की पांच दिवसीय यात्रा पर गुरुवार को सेंट पीटर्सबर्ग (St Petersburg) पहुंचा. भारतीय नौसेना ने कहा, "भारत (India) और रूस (Russia) विशेष द्विपक्षीय संबंध साझा करते हैं जो कई दशकों तक चलते हैं. इनमें घनिष्ठ सैन्य संबंध और दोनों नौसेनाओं के बीच मजबूत सहयोग शामिल हैं." Join Indian Navy 2020: युवाओं के लिए भारतीय नौसेना में ऑफिसर बनने का सुनहरा मौका, 31 दिसंबर से पहले करें अप्लाई
आईएनएस तबर एक तलवार श्रेणी का स्टील्थ फ्रिगेट है और भारतीय नौसेना के पश्चिमी बेड़े का हिस्सा है जो पश्चिमी नौसेना कमान के तहत मुंबई में स्थित है.
जहाज रूस में भारतीय नौसेना के लिए बनाया गया था और अप्रैल 2004 में सेंट पीटर्सबर्ग में कमीशन किया गया था. वर्तमान में जहाज की कमान कैप्टन महेश मंगीपुडी के पास है और इसमें 300 से अधिक कर्मियों का पूरक है.
जहाज हथियारों और सेंसर की एक बहुमुखी रेंज से लैस है और भारतीय नौसेना के शुरूआती स्टील्थ फ्रिगेट्स में से एक है. 25 जुलाई 2021 को रूसी नौसेना दिवस परेड के दौरान, आईएनएस तबर जहाजों के स्तंभ में शामिल हो जाएगा जिसकी समीक्षा रूसी संघ के राष्ट्रपति द्वारा की जाएगी.
समारोह के दौरान तबर पर सवार भारतीय नौसेना बैंड सिटी परेड में भी भाग लेगा.
इसके अलावा, सेंट पीटर्सबर्ग में अपने प्रवास के दौरान, तबर के चालक दल रूसी नौसेना के साथ विभिन्न द्विपक्षीय व्यावसायिक बातचीत में भाग लेंगे. इसके बाद दोनों नौसेनाओं के बीच समुद्र में नौसैनिक अभ्यास होगा. यह अभ्यास इंद्र नामक दो नौसेनाओं के बीच नौसैनिक अभ्यासों की स्थापित सीरीज का हिस्सा होगा.
बंदरगाह की बातचीत और समुद्र में अभ्यास का उद्देश्य दोनों नौसेनाओं के बीच लंबे समय से चले आ रहे संबंधों को मजबूत करना है. ये जुड़ाव समुद्री सुरक्षा को और बढ़ाने और समुद्री खतरों के खिलाफ संयुक्त अभियान चलाने का प्रयास करते हैं. ये बातचीत दोनों पक्षों को एक-दूसरे की नौसेना में अपनाई जाने वाली 'सर्वोत्तम प्रथाओं' को देखने और आत्मसात करने का अवसर प्रदान करेगी.
(The above story first appeared on LatestLY on Jul 23, 2021 09:24 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

