Rafale Fighter Deal: भारतीय वायुसेना की बढ़ेगी और ताकत, DAC ने 114 नए राफेल विमानों की खरीद को दी मंजूरी
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में रक्षा अधिग्रहण परिषद (DAC) ने भारतीय वायुसेना के लिए 114 राफेल लड़ाकू विमानों की खरीद को मंजूरी दे दी है. 3.25 लाख करोड़ रुपये का यह सौदा 'मेक इन इंडिया' पहल को बड़ी मजबूती देगा.
Rafale Fighter Deal: भारत अपनी हवाई सुरक्षा को अभेद्य बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठा चुका है. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में गुरुवार (12 फरवरी, 2026) को हुई रक्षा अधिग्रहण परिषद (DAC) की बैठक में 114 अतिरिक्त राफेल लड़ाकू विमानों की खरीद के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई है. इस मेगा डिफेंस डील की कुल लागत लगभग 3.25 लाख करोड़ रुपये आंकी गई है.
'मेक इन इंडिया' को मिलेगा बड़ा बढ़ावा
इस सौदे की सबसे महत्वपूर्ण शर्त इसका निर्माण मॉडल है. योजना के अनुसार, शुरुआती 18 राफेल विमान फ्रांस से पूरी तरह तैयार (Fly-away condition) स्थिति में आएंगे. इसके बाद बाकी बचे 96 विमानों का निर्माण 'मेक इन इंडिया' पहल के तहत भारत में ही किया जाएगा. इससे न केवल वायुसेना की ताकत बढ़ेगी, बल्कि स्वदेशी एयरोस्पेस क्षेत्र में रोजगार और तकनीक का भी विस्तार होगा. यह भी पढ़े: Rafale Fighter Jets Land in India: अंबाला में वाटर सैल्यूट के साथ हुआ राफेल लड़ाकू विमानों का स्वागत- देखें वीडियो
वायुसेना की बढ़ेगी ताकत
वर्तमान में भारतीय वायुसेना अपने स्वीकृत 42 स्क्वाड्रन की तुलना में कम लड़ाकू विमानों के साथ काम कर रही है. राफेल की यह नई खेप वायुसेना के बेड़े में आधुनिक मारक क्षमता जोड़ेगी. विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम चीन और पाकिस्तान की सीमाओं पर बढ़ती चुनौतियों को देखते हुए रणनीतिक रूप से अत्यंत आवश्यक था. हाल ही में 'ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान राफेल के शानदार प्रदर्शन ने इस सौदे की राह और आसान कर दी थी.
अन्य महत्वपूर्ण रक्षा सौदों पर भी लगी मुहर
राफेल के साथ-साथ DAC ने कई अन्य प्रमुख प्रस्तावों को भी हरी झंडी दी है. इसमें भारतीय नौसेना के लिए 6 अतिरिक्त P-8I समुद्री निगरानी विमानों की खरीद शामिल है. साथ ही, डीआरडीओ (DRDO) द्वारा विकसित लगभग एक लाख 'विभव' एंटी-टैंक माइन्स की खरीद को भी मंजूरी दी गई है, जो थल सेना की रक्षा पंक्ति को और मजबूत बनाएंगे.
क्या है अगला कदम?
DAC से 'एक्सेप्टेंस ऑफ नेसेसिटी' (AoN) मिलने के बाद अब इस प्रस्ताव को अंतिम मंजूरी के लिए सुरक्षा संबंधी कैबिनेट समिति (CCS) के पास भेजा जाएगा. चूंकि फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों जल्द ही भारत दौरे पर आने वाले हैं, ऐसे में माना जा रहा है कि दोनों देशों के बीच इस रणनीतिक साझेदारी पर जल्द ही आधिकारिक हस्ताक्षर हो सकते हैं.
(The above story first appeared on LatestLY on Feb 12, 2026 02:52 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

