India-US Trade Deal: भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर डोनाल्ड ट्रंप के बयान के बाद टेक्सटाइल और सी फूड से जुड़े शेयरों में आया उछाल

भारत में बुधवार को टेक्सटाइल और सी फूड से जुड़े शेयरों में तेजी देखी गई. इसकी वजह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस बयान को माना जा रहा है, जिसमें उन्होंने भारत-यूएस ट्रेड डील का जिक्र किया. इस बयान से घरेलू निवेशकों को अमेरिकी टैरिफ कम होने की संभावनाओं को बल मिला है.

Donald Trump Pakistan Afghanistan dispute (Photo : X)

नई दिल्ली, 29 अक्टूबर : भारत में बुधवार को टेक्सटाइल और सी फूड से जुड़े शेयरों में तेजी देखी गई. इसकी वजह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) के उस बयान को माना जा रहा है, जिसमें उन्होंने भारत-यूएस ट्रेड डील का जिक्र किया. इस बयान से घरेलू निवेशकों को अमेरिकी टैरिफ कम होने की संभावनाओं को बल मिला है. बता दें, देश में सीफूड और टेक्सटाइल कंपनियों की आय का एक बड़ा हिस्सा अमेरिकी बाजारों से आता है.

दक्षिण कोरिया के ग्योंगजू में आयोजित एपीईसी सीईओ शिखर सम्मेलन में राष्ट्रपति ट्रंप ने भारत-यूएस ट्रेड डील को लेकर बयान दिया, जहां उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सराहना की और कहा कि वह "भारत के साथ एक व्यापार समझौता" करने जा रहे हैं. ट्रंप ने मोदी की प्रशंसा करते हुए, उन्हें सबसे अच्छे दिखने वाला व्यक्ति बताया और बेहद मजबूत राजनेता कहा. रूस से तेल खरीदने को लेकर अमेरिका की ओर से भारत पर 50 प्रतिशत टैरिफ लगा दिया गया था, इससे निर्यात केंद्रित टेक्सटाइल और सी फूड कंपनियों के शेयरों में गिरावट देखने को मिली थी. यह भी पढ़ें : प्रधानमंत्री मोदी 30 और 31 अक्टूबर को गुजरात और दिल्ली के दौरे पर विभिन्न परियोजनाओं का करेंगे लोकार्पण

अमेरिकी टैरिफ से राहत मिलने की उम्मीद के चलते भारतीय सीफूड इंडस्ट्री के शेयरों में 2-4 प्रतिशत की बढ़त देखी गई है. टेक्सटाइल शेयरों भी इस तरह की तेजी देखी जा रही है. भारत और अमेरिका ट्रेड डील को लेकर लगातार बातचीत कर रहे हैं. इसे पूरा करने के लिए दोनों देशों के प्रतिनिधि कई राउंड की बातचीत कर चुके हैं. ट्रंप प्रशासन द्वारा भारतीय हितों को टारगेट करने वाली कई नीतियों की घोषणा के कुछ महीनों बाद, रिपब्लिकन और डेमोक्रेटिक दोनों सांसदों ने भारत-अमेरिका संबंधों का समर्थन करने के लिए हाथ मिलाया है.

पिछले 10 दिनों में कम से कम छह द्विदलीय पत्र और प्रस्ताव तैयार किए गए हैं, जिनमें भारतीय अमेरिकी समुदाय के हितों की रक्षा, भारत-अमेरिका साझेदारी के लिए समर्थन की पुष्टि और नई दिल्ली को टारगेट करने वाली अपनी हालिया कार्रवाइयों के लिए प्रशासन पर जवाबदेही का दबाव डाला गया है.

Share Now

\