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'भारत केवल तकनीक का उपभोग न करे, बल्कि उसका निर्माण करे', PM मोदी ने 'आत्मनिर्भर भारत' के लिए साझा किया AI विजन

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एएनआई (ANI) को दिए एक विशेष साक्षात्कार में भारत के तकनीकी भविष्य का खाका पेश किया है. उन्होंने 'इंडिया-AI मिशन' के माध्यम से भारत को दुनिया की शीर्ष तीन AI महाशक्तियों में शामिल करने का लक्ष्य रखा है.

'भारत केवल तकनीक का उपभोग न करे, बल्कि उसका निर्माण करे', PM मोदी ने 'आत्मनिर्भर भारत' के लिए साझा किया AI विजन
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Photo Credits: File Image)

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister) ने मंगलवार, 17 फरवरी 2026 को 'आत्मनिर्भर भारत' (Atmanirbhar Bharat) के संकल्प को दोहराते हुए कहा कि भारत की यात्रा इस बुनियादी सिद्धांत पर आधारित है कि हमें तकनीक का केवल उपभोक्ता (Consumer) नहीं, बल्कि निर्माता (Creator) बनना होगा. नई दिल्ली में आयोजित 'इंडिया-AI इम्पैक्ट समिट 2026' के दौरान एएनआई के साथ एक विशेष साक्षात्कार में पीएम मोदी ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को लेकर अपना विजन साझा किया, जो संप्रभुता (Sovereignty), समावेशिता (Inclusivity) और नवाचार (Innovation) के तीन स्तंभों पर टिका है. यह भी पढ़ें: PM मोदी कल मुंबई दौरे पर, फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों से करेंगे मुलाकात, जानें मीटिंग का पूरा शेड्यूल और शहर में कैसी रहेगी ट्रैफिक व्यवस्था

दुनिया की 'टॉप-3' AI सुपरपावर बनेगा भारत

प्रधानमंत्री ने विश्वास जताया कि भारत बहुत जल्द वैश्विक स्तर पर शीर्ष तीन AI महाशक्तियों में शामिल होगा. उन्होंने कहा, 'मेरा विजन है कि हमारे AI मॉडल पूरी दुनिया में तैनात किए जाएं, जो अरबों लोगों को उनकी मातृभाषा में सेवा प्रदान करें. हमारे AI स्टार्टअप्स की वैल्यू सैकड़ों अरब डॉलर होगी, जिससे लाखों उच्च गुणवत्ता वाले रोजगार पैदा होंगे.'

उन्होंने आगे कहा कि 'इंडिया-AI मिशन' के माध्यम से भारत इस डिजिटल सदी के लिए अपना खुद का कोड लिख रहा है, जो भारतीय मूल्यों और लोगों की जरूरतों को प्रतिबिंबित करेगा.

रोजगार के खतरे पर बोले पीएम: 'यह अवसर बढ़ाने वाला माध्यम है'

AI के कारण नौकरियों के खत्म होने के डर पर प्रधानमंत्री ने युवाओं को आश्वस्त किया. उन्होंने कहा, 'हर भारतीय AI को अवसर प्रदान करने वाले और क्षमता बढ़ाने वाले माध्यम के रूप में अनुभव करेगा, न कि अपनी आजीविका के लिए खतरे के रूप में. डर का सबसे अच्छा इलाज तैयारी है.'

सरकार इस चुनौती से निपटने के लिए कौशल विकास (Skilling) और री-स्किलिंग पर भारी निवेश कर रही है. पीएम के अनुसार, सरकार इसे भविष्य की समस्या के बजाय 'वर्तमान की अनिवार्यता' मानकर दुनिया के सबसे बड़े कौशल विकास कार्यक्रमों में से एक चला रही है. यह भी पढ़ें: असम में पहली बार नेशनल हाईवे बना 'रनवे': पीएम मोदी ने डिब्रूगढ़ में इमरजेंसी लैंडिंग सुविधा का किया उद्घाटन, लड़ाकू विमानों ने दिखाया दम (See Pics and Video)

वैश्विक रैंकिंग में भारत का बढ़ता कद

भारत की तकनीकी प्रगति का लोहा दुनिया भी मान रही है. 'स्टैनफोर्ड ग्लोबल AI वाइब्रेंसी इंडेक्स 2025' में भारत ने तीसरा स्थान हासिल किया है, जो AI अनुसंधान और विकास (R&D), प्रतिभा और आर्थिक विकास में देश की मजबूत पकड़ को दर्शाता है.

इंडिया-AI इम्पैक्ट समिट 2026 की मुख्य बातें

वर्तमान में नई दिल्ली में चल रहे इस शिखर सम्मेलन में 'सेवन चक्र' (Seven Chakras) और 'थ्री सूत्र' (लोग, ग्रह और प्रगति) पर ध्यान केंद्रित किया गया है. यह सम्मेलन भारत को वैश्विक AI एजेंडा तय करने वाले एक प्रमुख मंच के रूप में स्थापित कर रहा है.

  • उद्देश्य: विकासोन्मुख AI फ्रेमवर्क को आगे बढ़ाना.
  • प्रमुख स्तंभ: संप्रभुता, समावेशिता और नवाचार.
  • लक्ष्य: 2047 तक विकसित भारत के सपने को साकार करना.

(The above story first appeared on LatestLY on Feb 17, 2026 08:00 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).