ITR: 12 लाख तक टैक्स-फ्री समझकर आईटीआर नहीं भरा? हो सकता है बड़ा नुकसान
ITR Filing 2025

ITR Filing : असेसमेंट ईयर 2025-26 (AY 2025-26) के लिए इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फाइल करने की आखिरी तारीख अब सिर्फ पाँच दिन दूर है. इसके बावजूद अभी भी लाखों करदाता रिटर्न दाखिल करने से बच रहे हैं. कुछ लोग यह उम्मीद कर रहे हैं, कि सरकार इस बार भी समयसीमा बढ़ा देगी, जबकि कई करदाता एक खतरनाक भ्रम का शिकार हो गए हैं. यही कारण है, कि बड़ी संख्या में लोग अब तक आईटीआर फाइल करने से पीछे हट रहे हैं.

कौन-सा भ्रम फैला है?

रिपोर्ट के अनुसार, करदाताओं के बीच इस बार एक बड़ी गलतफ़हमी तेजी से फैल रही है. कई लोग यह मान रहे हैं, कि 12 लाख रुपये तक की आय पर कोई टैक्स नहीं लगता, इसलिए उन्हें आयकर रिटर्न दाखिल करने की ज़रूरत नहीं है. लेकिन विशेषज्ञों ने इस पर चेतावनी देते हुए स्पष्ट कहा है, कि यह धारणा पूरी तरह से ग़लत है और करदाताओं के लिए नुकसानदेह साबित हो सकती है.

असली सच क्या है?

फिलहाल आयकर नियमों के तहत आईटीआर फाइल करना अनिवार्य है, यदि आपकी आय बेसिक छूट सीमा से अधिक है. नए टैक्स स्लैब (New Regime) में यह सीमा 3 लाख रुपये है, जबकि पुराने टैक्स स्लैब (Old Regime) में यह सीमा 2.5 लाख रुपये तय की गई है. मौजूदा वित्त वर्ष 2024-25 (FY 2024-25) में नए टैक्स स्लैब के अंतर्गत 7 लाख रुपये तक की आय टैक्स-फ्री मानी जाती है, लेकिन यह छूट शेयर, म्यूचुअल फंड (Mutual Fund) या अन्य कैपिटल गेन (Capital Gain) से होने वाली कमाई पर लागू नहीं होती, क्योंकि उन पर अलग से टैक्स लगाया जाता है. जहां तक 12 लाख रुपये तक की आय पर टैक्स छूट का सवाल है, यह नियम अगले साल से लागू होगा, अभी नहीं.

आईटीआर न भरने से क्या होगा?

अगर आप आखिरी तारीख तक आईटीआर फाइल नहीं करते हैं, तो इसका सीधा असर आपकी वित्तीय स्थिति पर पड़ सकता है. सबसे पहले, आपको मिलने वाला इनकम टैक्स रिफंड (Refund) हाथ से निकल सकता है और आप उस हक से अनजान हो सकते है. इसके अलावा, भविष्य में आप पर जुर्माना, ब्याज और टैक्स से जुड़ी अन्य कानूनी जटिलताएँ भी आ सकती हैं, जो आपकी परेशानी और आर्थिक बोझ दोनों को बढ़ा सकती हैं.

अब तक कितने लोगों ने भरा आईटीआर?

आयकर विभाग की ई-फाइलिंग (E-Filing) वेबसाइट पर जारी ताज़ा आंकड़ों के मुताबिक, 10 सितंबर 2025 तक कुल 5.30 करोड़ आईटीआर दाखिल किए जा चुके हैं. यह आंकड़ा 9 सितंबर 2025 तक दाखिल हुए 5.13 करोड़ रिटर्न से लगभग 16 लाख अधिक है. इनमें से 4.99 करोड़ से ज्यादा रिटर्न का वेरिफिकेशन पूरा हो चुका है, जबकि विभाग ने अब तक 3.57 करोड़ से अधिक रिटर्न प्रोसेस भी कर दिए हैं.

केवल 9 सितंबर को ही 16.3 लाख आईटीआर दाखिल किए गए थे. अनुमान है, कि इस साल करीब 8 करोड़ करदाता आईटीआर फाइल करेंगे, यानी अब भी 2.5 करोड़ से ज्यादा रिटर्न फाइल होना बाकि हैं. पिछले साल की तुलना में देखें तो, वित्त वर्ष (FY 2023-24) में ही 31 जुलाई तक 7.28 करोड़ आईटीआर दाखिल किए जा चुके थे, जबकि इस साल अब तक यह संख्या उससे कम रही है.

आखिरी तारीख

आईटीआर फाइल करने की अंतिम तारीख 15 सितंबर 2025 तय की गई है. ऐसे में सभी करदाताओं को बिना देरी किए अपना रिटर्न दाखिल कर लेना चाहिए. साथ ही, इस गलतफ़हमी में बिल्कुल न रहें कि 12 लाख रुपये तक की आय पर टैक्स नहीं लगता, क्योंकि यह धारणा पूरी तरह गलत है और आपके लिए नुकसानदेह साबित हो सकती है.