Thanjavur Shocker: दलित बच्चों को सार्वजनिक रास्ते से जाने के लिए महिला ने रोका, हाथ में लकड़ी लेकर दी जातिसूचक गालियां, तंजावुर जिले का VIDEO आया सामने

देश की आजादी को इतने साल होने के बावजूद आज भी देश के ज्यादातर हिस्सों में जातिवाद लोगों की नसों में दौड़ रहा है. उत्तर प्रदेश या फिर मध्य प्रदेश जैसे राज्यों में ही नहीं, तमिलनाडू जैसे राज्यों में भी जातिवाद आएं दिन देखने को मिलता है.

Credit-(X,@lokeshbag67)

तंजावुर, तमिलनाडु: देश की आजादी को इतने साल होने के बावजूद आज भी देश के ज्यादातर हिस्सों में जातिवाद लोगों की नसों में दौड़ रहा है. उत्तर प्रदेश या फिर मध्य प्रदेश जैसे राज्यों में ही नहीं, तमिलनाडू (Tamil Nadu) जैसे राज्यों में भी जातिवाद आएं दिन देखने को मिलता है. ऐसी ही एक घटना तमिलनाडु के तंजावुर जिले (Thanjavur District) के कोल्लनगरई गांव से सामने आई है.जहांपर कुछ बच्चे जो की दलित समुदाय (Dalit Community) से है, वे एक कच्ची सड़क से जा रहे होते है और इसी दौरान एक बुजुर्ग महिला हाथ में डंडा लेकर दौड़कर आती है और इन्हें इस सड़क जाने के लिए रोकती है और इन्हें गालियां देती है.

इसके बाद एक युवक महिला को रोकता है और स्कूल के बच्चे यहां से निकल जाते है. देखते ही देखते ये वीडियो (Video) जमकर वायरल हो गया है. इस वीडियो को सोशल मीडिया X पर @lokeshbag67 नाम के हैंडल से शेयर किया गया है. ये भी पढ़े:Tamil nadu:ऊंची जाति और दलित समुदाय के बीच एंट्री को लेकर हुए विवाद में बंद हुआ श्री धर्मराज द्रौपदी अम्मन मंदिर 9 महीनें बाद खुला -Video

दलित बच्चों को रास्ते से जाने के लिए किया मना

क्या है पूरी घटना ?

जानकारी के मुताबिक ये घटना तमिलनाडु (Tamil Nadu) के कोल्लनगरई गांव से सामने आई है. एक बुज़ुर्ग महिला ने दलित बच्चों को स्कूल जाने के लिए सार्वजनिक कच्चे रास्ते का उपयोग करने से रोक दिया और उन्हें जातिसूचक गालियां दीं.घटना का वीडियो सामने आने के बाद राज्यभर में निंदा शुरू हो गई है और यह मामला फिर से जातिगत असमानता पर बहस को हवा दे रहा है.वायरल वीडियो (Viral Video) में दिखाई देता है कि एक युवक दलित बच्चों के समूह को स्कूल ले जा रहा है। इस दौरान बुज़ुर्ग महिला हाथ में डंडा लेकर उनका रास्ता रोकने की कोशिश करती है.युवक ने डंडा हटाकर बच्चों को आगे बढ़ाया, लेकिन महिला लगातार अपमानजनक जातिसूचक शब्द बोलती रही.जानकारी के अनुसार, जिस रास्ते पर विवाद हुआ वह 'वंड़ी पाथई' कहलाता है, जो कि आधिकारिक रूप से सार्वजनिक रास्ता माना जाता है. लेकिन कुछ स्थानीय लोगों ने यहां केले के पौधे लगाकर कब्ज़ा कर लिया था.

इसके कारण दलित बच्चों को पिछले 18 दिनों से स्कूल जाने के लिए 1.5 किलोमीटर लंबा चक्कर लगाकर तालाब के चारों ओर से जाना पड़ रहा था, बाद में कुछ युवकों ने हस्तक्षेप कर इस मुद्दे को उठाया.

प्रशासन की देरी पर सवाल

अन्टचेबिलिटी उन्मूलन मोर्चा के राज्य अध्यक्ष चेल्लाकन्नु ने बताया कि प्रशासन को तीन महीने पहले ही कब्ज़े की जानकारी दी गई थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई. वीडियो वायरल होने और जनदबाव बढ़ने के बाद ही तहसीलदार ने रास्ता साफ करवाया. हालांकि पुलिस जांच जारी है, लेकिन अब तक किसी के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज नहीं की गई है.

तमिलनाडू में जातीय हिंसा

इस घटना को तमिलनाडु (Tamil Nadu) में हो रही जातीय हिंसा की लंबी कड़ी का हिस्सा माना जा रहा है. केवल तिरुनेलवेली ज़िले (Tirunelveli District) में ही पिछले पांच वर्षों में अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) पर अत्याचार के 1,097 मामले दर्ज किए गए हैं. इनमें हत्या, यौन हिंसा और शैक्षणिक संस्थानों में भेदभाव जैसे गंभीर अपराध शामिल हैं.

 

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