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COVID-19: केंद्र ने राज्यों को किया आगाह, 5-10% सक्रिय मामलों को अस्पताल में भर्ती होने की जरुरत, तेजी से बदल सकते है हालात

भारत में कोरोना वायरस के ओमिक्रॉन वेरियंट से संक्रमण के मामलों में तेजी से वृद्धि हो रही है. इस बीच केंद्र सरकार ने सभी राज्यों को ओमिक्रॉन के खतरे को लेकर आगाह किया है. स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों को एक पत्र लिखकर कहा है कि अब तक कोविड-19 के 5 से 10 फीसदी सक्रिय मामलों में अस्पताल में भर्ती होने की जरुरत पड़ी है.

COVID-19: केंद्र ने राज्यों को किया आगाह, 5-10% सक्रिय मामलों को अस्पताल में भर्ती होने की जरुरत, तेजी से बदल सकते है हालात
कोविड-19 (Photo Credits: PTI)

नई दिल्ली: भारत में कोरोना वायरस (Coronavirus) के ओमिक्रॉन वेरियंट (Omicron) से संक्रमण के मामलों में तेजी से वृद्धि हो रही है. इस बीच केंद्र सरकार ने सभी राज्यों को ओमिक्रॉन के खतरे को लेकर आगाह किया है. स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण (Rajesh Bhushan) ने राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों को एक पत्र लिखकर कहा है कि अब तक कोविड-19 के 5 से 10 फीसदी सक्रिय मामलों में अस्पताल में भर्ती होने की जरुरत पड़ी है. हालांकि अस्पताल में भर्ती होने की जरुरत तेजी से बदल सकती है. इसलिए राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को सलाह दी जाती है कि सक्रिय मामलों को देखते हुए स्थिति पर लगातार नजर बनाये रखें.

कोविड केयर सेंटर में मौजूद बेडों पर ऑक्सीजन के भी इंतजाम करने के लिए कहा गया है. साथ ही जरुरत के समय में रिटायर्ड डॉक्टरों और एमबीबीएस छात्रों की मदद लेने का भी जिक्र पत्र में किया गया है. COVID-19: सीजनल फ्लू और कोरोना के लक्षणों में ये है अंतर, बरतें सावधानी

बीते हफ्ते ही केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों के साथ पीएसए संयंत्रों, ऑक्सीजन सांद्रता और ऑक्सीजन सिलेंडर, वेंटिलेटर सहित ऑक्सीजन बुनियादी ढांचे की स्थिति की तैयारियों, स्थिति की समीक्षा की. इस दौरान उन्होंने कोरोना की तीसरी लहर से निपटने के लिए अस्पतालों व स्वास्थ्य केंद्रों में सभी जरुरी इंतजाम करने के लिए कहा.

राज्यों में ओमिक्रॉन वेरिएंट के चार हजार से अधिल मामलों की पुष्टि हो चुकी है. केंद्र ने राज्यों को लोगों में बुखार और गले में खराश जैसे लक्षण दिखने पर ओमिक्रॉन का इलाज करने की सलाह दी है. राज्य सरकारों को लिखे पत्र में कहा गया है, "किसी भी व्यक्ति में खांसी, सिरदर्द, गले में खराश, सांस लेने में तकलीफ, शरीर में दर्द या अन्य लक्षण हों, मगर बुखार नहीं हो, तब भी इसे कोविड-19 का संदिग्ध मामला माना जाना चाहिए, जब तक कि पुष्टि न हो जाए."

उल्लेखनीय है कि पिछले 24 घंटे में 1,79,723 नए कोविड-19 मरीज सामने आए हैं. वहीं, देशभर में इस अवधि में कोरोना के 45,569 रोगियों के ठीक होने के साथ ही स्वस्थ होने वाले मरीजों की कुल संख्या बढ़कर 3,45,00,172 हो गई है. नतीजतन, भारत में स्वस्थ होने की दर 96.62 प्रतिशत है.

वर्तमान में 7,23,619 सक्रिय रोगी हैं. जबकि वर्तमान में ये सक्रिय मामले देश के कुल पुष्टि वाले मरीजों का 2.03 प्रतिशत हैं. देशभर में जांच क्षमता का विस्तार लगातार जारी है. पिछले 24 घंटों में कुल 13,52,717 जांच की गई हैं. वहीं, देश में अब तक कुल 69.15 करोड़ कोरोना टेस्ट हो चुके हैं. देशभर में साप्ताहिक पुष्टि वाले मामलों की दर 7.92 प्रतिशत है और दैनिक रूप से पुष्टि वाले मामलों की दर 13.29 प्रतिशत है.

(The above story first appeared on LatestLY on Jan 10, 2022 05:34 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).