Meerut Video: मेरठ में दरोगा की अमानवीय हरकत! चाय बेचनेवाले शख्स पर फेंका खौलता हुआ गर्म दूध, पीड़ित बुरी तरह झुलसा
Credit-(X,@priyarajputlive)

मेरठ,उत्तर प्रदेश: उत्तर प्रदेश की कानून व्यवस्था एक बार फिर सवालों के घेरे में है. मेरठ के थाना क्षेत्र में एक चाय बेचने वाले पर पुलिस दरोगा द्वारा खौलता हुआ दूध फेंकने की अमानवीय घटना सामने आई है. पीड़ित शाहिद, जो रोज़ाना मेहनत करके परिवार का पालन-पोषण करता है, बुरी तरह झुलस गया और उसे गंभीर हालत में हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है. इस घटना का वीडियो सामने आया है. जिसमें चाय विक्रेता का शरीर झुलसा हुआ है और वह रोते रोते हुए बता रहा है कि उसके साथ दरोगा ने जमकर मारपीट की और उसपर खौलता हुआ गर्म दूध डाल दिया.

इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया X पर @priyarajputlive नाम के हैंडल से शेयर किया गया है. ये भी पढ़े:VIDEO: कानपुर में खौलते गर्म दूध की कढ़ाई गिरी शराबी के ऊपर, हुई दर्दनाक मौत, नशे की हालत में लड़खड़ाते हुए पहुंचा था दूकान

चाय विक्रेता पर पुलिस ने फेंका गर्म दूध

क्या है पूरा मामला?

घटना बुधवार रात की है जब मकबरा अब्बू निवासी शाहिद की दुकान पर थाना पुलिस का एक दरोगा चार सिपाहियों के साथ पहुंचा.शाहिद ने आरोप लगाया कि पुलिस उसे जबरन सट्टेबाजी के झूठे आरोप में पकड़ने आई थी, जबकि दो दिन पहले ही कोर्ट से उसे जमानत मिल चुकी थी. जब शाहिद ने जाने से इनकार किया, तो पुलिसकर्मियों ने उसके साथ मारपीट शुरू कर दी. झड़प के दौरान दरोगा ने दुकान पर रखा उबलता दूध शाहिद के ऊपर फेंक दिया.

पीड़ित की हालत नाज़ुक

चश्मदीदों के अनुसार, शाहिद के शरीर पर खौलते दूध से गंभीर जलन हो गई. पहले उसे जिला हॉस्पिटल ले जाया गया, लेकिन हालत बिगड़ने पर उसे मेरठ मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया.शाहिद के शरीर के ऊपरी हिस्से में गहरे ज़ख्म आए हैं और डॉक्टरों के अनुसार उसकी हालत चिंताजनक बनी हुई है.

परिवार और स्थानीय लोगों का फूटा गुस्सा

शाहिद के परिजनों ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं. उन्होंने कहा कि थाना पुलिस सट्टेबाजों से नियमित वसूली करती है और जो व्यक्ति रिश्वत नहीं देता, उसे झूठे मुकदमों में फंसा दिया जाता है. शाहिद पर पहले भी एक बार झूठा मुकदमा दर्ज कर उसे जेल भेजा गया था. अब फिर पुलिस जबरन गिरफ्तार करने आई और इस बार उसने जानलेवा हमला कर दिया.घटना के बाद से स्थानीय लोगों में जबरदस्त आक्रोश है. कई सामाजिक संगठनों ने पुलिस थाने के बाहर प्रदर्शन किया और दोषी पुलिसकर्मियों के निलंबन व गिरफ्तारी की मांग की.