Hyderabad Shocker: हैदराबाद में चौंकाने वाला मामला, शादी से इनकार करने पर युवक ने युवती को लगाया HIV संक्रमित खून का इंजेक्शन, खौफ में महिला ने की आत्महत्या
हैदराबाद में पिछले महीने HIV-संक्रमित रक्त का इंजेक्शन लगाने की शिकार हुई 24 वर्षीय महिला ने शुक्रवार, 10 अप्रैल को आत्महत्या कर ली। आरोपी ने विवाह रद्द करने की रंजिश में इस घटना को अंजाम दिया था। पीड़िता की मौत के बाद अब मामले में कानून की धाराएं सख्त होने की संभावना है.
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Hyderabad Shocker: हैदराबाद के पोचाराम आईटी कॉरिडोर इलाके में पिछले महीने एक क्रूर घटना सामने आई थी, जिसमें एक 24 वर्षीय महिला को जबरन HIV-संक्रमित रक्त का इंजेक्शन लगा दिया गया था। शुक्रवार को उस महिला ने अपने आवास पर आत्महत्या कर ली। उसे गंभीर हालत में एक स्थानीय सरकारी अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. घटना के बाद से क्षेत्र में शोक और आक्रोश का माहौल है.
जानें विवाद के बारे में
पुलिस जांच के अनुसार, यह विवाद पिछले साल सितंबर में शुरू हुआ था। पीड़िता और उसके माता-पिता को जानकारी मिली थी कि आरोपी मनोहर के माता-पिता HIV पॉजिटिव हैं. एहतियात के तौर पर, जब युवती के परिवार ने मनोहर से अपना मेडिकल टेस्ट कराने को कहा, तो टेस्ट रिपोर्ट पॉजिटिव आई। इसके बाद युवती ने उस युवक से शादी करने से इनकार कर दिया. यह भी पढ़े: Hyderabad Shocker: हैदराबाद में सीलबंद बीयर की बोतल के अंदर मिली जिंदा मछली, वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल
इसी रंजिश में, 11 मार्च को आरोपी मनोहर ने युवती के घर में घुसकर उसे जबरन अपने रक्त का इंजेक्शन लगा दिया। हमले के तुरंत बाद युवती को 'पोस्ट-एक्सपोज़र प्रोफिलैक्सिस' (PEP) उपचार पर रखा गया था, लेकिन शारीरिक आघात से अधिक मानसिक आघात ने उसे तोड़ दिया।
मानसिक स्वास्थ्य पर गहरा प्रभाव
पोचाराम आईटी कॉरिडोर पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, हमला होने के बाद से युवती अत्यधिक मानसिक तनाव और सामाजिक कलंक के डर से जूझ रही थी. पुलिस ने बताया कि शारीरिक हिंसा के साथ-साथ इस हमले के सामाजिक परिणामों की चिंता ने उसे इस कदम तक पहुँचा दिया। मामले की गंभीरता को देखते हुए अब पुलिस जांच के दायरे को बढ़ा रही है।
आरोपी पर बढ़ सकते हैं कानूनी आरोप
आरोपी मनोहर को हमले के तुरंत बाद गिरफ्तार कर लिया गया था और वह फिलहाल न्यायिक हिरासत में है। कानून विशेषज्ञों के अनुसार, अब पीड़िता की मौत के बाद आरोपी के खिलाफ लगे आरोपों में बदलाव किया जा सकता है। पहले उस पर शारीरिक हमले और जानलेवा बीमारी फैलाने का प्रयास करने का मामला दर्ज किया गया था, लेकिन अब उस पर 'आत्महत्या के लिए उकसाने' (Abetment of Suicide) की धाराएं भी जोड़ी जा सकती हैं.
मानसिक स्वास्थ्य सहायता (Helplines)
यदि आप या आपके परिचित किसी भी प्रकार के तनाव या मानसिक संकट से गुजर रहे हैं, तो मदद लेने में संकोच न करें। निम्नलिखित हेल्पलाइन नंबरों पर संपर्क किया जा सकता है:
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टेली मानस (स्वास्थ्य मंत्रालय): 14416 या 1800 891 4416
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निमहंस (NIMHANS): 080-46110007
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वंद्रेवाला फाउंडेशन: 9999 666 555
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iCALL: 022-25521111, 9152987821
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अर्पिता सुसाइड प्रिवेंशन: 080-23655557
(The above story first appeared on LatestLY on Apr 11, 2026 11:09 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

