जम्मू-कश्मीर में धारा 370 रद्द, गृह मंत्रालय ने सुरक्षा बलों को हाई अलर्ट रहने को कहा
जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 रद्द किए जाने के बाद देश में, खासतौर पर जम्मू कश्मीर में सभी सुरक्षा बल इकाइयां ‘‘हाई अलर्ट’’ पर हैं.अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी.
नई दिल्ली: जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 रद्द किए जाने के बाद देश में, खासतौर पर जम्मू कश्मीर में सभी सुरक्षा बल इकाइयां ‘‘हाई अलर्ट’’ पर हैं.अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी. अधिकारियों ने बताया कि केंद्रीय गृह मंत्रालय ने विशेष परामर्श जारी कर सभी केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (सीएपीएफ) और केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों को आवश्यक एहतियात बरतने तथा अपने परिसरों एवं गतिविधियों की सुरक्षा बढ़ाने का निर्देश दिया है. एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, ‘‘देश भर में सभी सुरक्षा बलों को, खासतौर पर जम्मू कश्मीर स्थित उनकी इकाइयों को हाई अलर्ट पर बने रहने का एक परामर्श जारी किया गया है।’’
जम्मू कश्मीर को विशेष दर्जा देने वाले अनुच्छेद 370 को रद्द करने के सरकार के कदम और आगामी स्वतंत्रता दिवस (15 अगस्त) समारोहों के मद्देनजर गृह मंत्रालय का यह ताजा निर्देश आया है. केंद्रीय गृह मंत्री ने सोमवार को राज्य सभा में एक संकल्प पेश करते हुए कहा कि अनुच्छेद 370 अब लागू नहीं रहेगा. शाह ने जम्मू कश्मीर राज्य को दो हिस्सों (जम्मू कश्मीर और लद्दाख केंद्र शासित प्रदेशों के रूप में) में बांटने का प्रस्ताव करने वाला एक विधेयक भी पेश किया.
केंद्रीय गृह मंत्रालय ने सोमवार को जारी एक पत्र में कहा, ‘‘जैसा कि आप जानते हैं, केंद्रीय मंत्रिमंडल ने समग्र राष्ट्रीय हित में और राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत करने के लिए जम्मू-कश्मीर से संबंधित आज कुछ महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं. यह आवश्यक है कि असामाजिक तत्वों को देश के किसी भी हिस्से में सुरक्षा, शांति और जन सद्भाव का माहौल खराब करने की इजाजत नहीं दी जाये.’’इसमें सभी राज्यों और केन्द्र शासित प्रदेशों को सुरक्षा व्यवस्था के किसी भी उल्लंघन को रोकने के लिए सुरक्षा बलों को ‘‘अधिकतम सतर्क’’ रहने का निर्देश जारी करने को कहा गया है.
पत्र में कहा गया है, “राज्य सरकारों एवं केंद्रीय शासित प्रदेश प्रशासन द्वारा उठाए जाने वाले कदमों का पर्याप्त प्रचार किया जाए, ताकि संबद्ध तबके में भरोसा पैदा किया जा सके और जनता को किसी अप्रिय घटना या शांति भंग किए जाने की कोशिश के खिलाफ सचेत किया जा सके.” इसमें कहा गया है कि शांति में खलल डालने, लोगों के बीच सौहार्द्र बिगाड़ने और सांप्रदायिक हिंसा भड़काने के मकसद से सोशल मीडिया पर फर्जी, अप्रमाणित खबरों, अफवाहों तथा अनैतिक संदेशों के प्रसार के खिलाफ कड़ी निगरानी के लिए कानून प्रवर्तन एजेंसियों को उचित निर्देश जारी किए जाएं.
(The above story first appeared on LatestLY on Aug 05, 2019 06:26 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

