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हिमाचल प्रदेश: सोलन के इमारत हादसा में मरने वालों की संख्या 14 हुई

हिमाचल प्रदेश के सोलन जिले में चार मंजिली एक इमारत के गिरने से सेना के 13 कर्मियों और एक आम नागरिक समेत कुल 14 लोगों की मौत हो गई

हिमाचल प्रदेश: सोलन के इमारत हादसा में मरने वालों की संख्या 14 हुई
सोलन में बिल्डिंग ढही (Photo Credits: ANI)

शिमला: हिमाचल प्रदेश (Himachal Pradesh) के सोलन जिले में चार मंजिली एक इमारत के गिरने से सेना के 13 कर्मियों और एक आम नागरिक समेत कुल 14 लोगों की मौत हो गई. पुलिस ने सोमवार को बताया कि यह इमारत नाहन-कुमारहट्टी सड़क पर स्थित थी जो रविवार शाम की भारी बारिश के बाद गिर गयी. इसमें एक रेस्त्रां भी था. इस घटना में 28 लोग घायल हुए हैं, जिसमें सेना के 17 जवान और 11 आम नागरिक शामिल हैं. अधिकारियों ने बताया कि 13 जवानों के शव और एक आम नागरिक का शव मलबे से निकाला गया है. सोलन के उपायुक्त के सी चमन ने कहा कि मलबे में फंसे लोगों की वास्तविक संख्या का पता बचाव अभियान खत्म होने के बाद ही चलेगा। ऐसी उम्मीद है कि यह बचाव अभियान शाम तक समाप्त हो जाएगा. मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने सोमवार की सुबह में घटनास्थल का दौरा किया.

उन्होंने बताया कि शुरुआती जांच से पता चला है कि यह इमारत तय निर्देशों के अनुसार नहीं बनी थी. उन्होंने कहा, ‘‘मजिस्ट्रेट जांच का आदेश दिया गया है और रिपोर्ट मिलने के बाद उल्लंघनकर्ताओं के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी.’’मुख्यमंत्री ने कहा कि इस इमारत के मालिक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई है. उन्होंने कहा, ‘‘ राज्य में इस तरह की कई इमारतें हैं. नियमों का बिना पालन किए हुए मालिकों ने इसका निर्माण किया है। इसकी जांच के लिए जिस चीज की भी जरूरत है उसे किया जाएगा.’’ मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘ बचाव अभियान अब भी जारी है। जरूरी उपकरण एक हेलीकॉप्टर की मदद से शिमला के सुन्नी से बचाव अभियान चलाने के लिए रविवार शाम ही मंगवा लिया गया था.’’ एक घायल सैनिक ने संवाददाताओं को बताया कि यह इमारत जब गिरी तब वहां सेना के 35 कर्मी मौजूद थे.

उनमें 30 जूनियर कमिशन्ड अधिकारी (जेसीओएस) और पांच सैनिक थे. उन्होंने बताया कि निकट के डगशाई छावनी के चार असम रेजिमेंट के सैन्यकर्मी ‘‘पार्टी करने के लिए एक रेस्त्रां में गए थे क्योंकि यह रविवार का दिन था लेकिन अचानक इमारत हिली और तुरंत ही गिर गई.’’वहीं एक अन्य घायल सैन्यकर्मी राकेश कुमार ने बताया कि घटना के समय सेना के कई कर्मियों समेत रेस्त्रां के कर्मी और अन्य ग्राहकों समेत करीब 50 लोग मौजूद थे. उन्होंने कहा, ‘‘ हमने सोचा कि भूकंप आया है और हमें नहीं याद कि यह इमारत कैसे गिर गई और हम मलबे के अंदर दब ग.

मैं करीब 10-15 मिनट तक फंसा रहा जिसके बाद कुछ लोगों ने मुझे बचाया.’’ आपदा मोचन के निदेशक सह विशेष राजस्व सचिव डी सी राणा ने पीटीआई-भाषा को बताया कि शुरुआत में भारतीय सेना, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) और पुलिस ने संयुक्त रूप से बचाव अभियान की शुरुआत की. इसके बाद राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की दो टीम रविवार रात में घटनास्थल पर पहुंचकर बचाव अभियान में जुट गई.

(The above story first appeared on LatestLY on Jul 15, 2019 03:24 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).