Karnataka Weather Update: कर्नाटक के धारवाड़ जिले में भारी बारिश के कारण हालात गंभीर हो गए हैं. जिले के 56 गांवों में बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है.मौसम विभाग द्वारा ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है. जिला प्रशासन ने राहत और बचाव कार्यों के लिए अस्थायी आश्रय और नावों की व्यवस्था कर दी है.जिलाधिकारी दिव्या प्रभु ने कहा, 'धारवाड़ जिले में ऑरेंज अलर्ट घोषित किया गया है.
मंगलवार और बुधवार को भारी बारिश हुई है. लोग सतर्क रहें और जिला मुख्यालय से बिना पूर्व अनुमति के बाहर न जाएं.ये भी पढ़े:Aaj Ka Mausam, 24 March 2025: तमिलनाडु, केरल, कर्नाटक, ओडिशा, झारखंड और प. बंगाल में बारिश, वहीं लद्दाख और जम्मू-कश्मीर में हो सकती है बर्फबारी; जानिए आज आपके शहर में कैसा रहेगा मौसम
कर्नाटक के धारवाड़ में बाढ़ का अलर्ट
Karnataka: Heavy rains prompt flood warning for 56 villages in Dharwad, orange alert has been issued and rescue measures including boats and shelters prepared pic.twitter.com/tUPqSrDysW
— IANS (@ians_india) May 23, 2025
रेड अलर्ट भी शामिल
भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने जानकारी दी है कि 23 मई को ऑरेंज अलर्ट रहेगा,25 मई को रेड अलर्ट जारी किया गया है, और 25 मई से 28 मई तक फिर से ऑरेंज अलर्ट लागू रहेगा.
इस दौरान भारी वर्षा और तेज़ हवाएं चलने की संभावना है, जिससे तटीय क्षेत्रों में स्थिति और गंभीर हो सकती है.
तटीय कर्नाटक में बारिश से नुकसान और तापमान में गिरावट
लगातार बारिश के कारण तटीय जिलों में तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है.मंगलूरु का अधिकतम तापमान 22 मई को 31.7°C रहा, जो सामान्य से 6.4°C कम था.न्यूनतम तापमान 23.7°C दर्ज किया गया, जो सामान्य से 1.6°C कम है.
उडुपी, कुंदापुर और ब्रह्मावर में आंशिक नुकसान
उडुपी जिले के कई इलाकों, उडुपी, ब्रह्मावर, कापु और हिरियडका में दिन में गर्म और उमस भरा मौसम रहा, लेकिन शाम और रात को अच्छी बारिश हुई.कुंदापुर तालुक में एक मकान को आंशिक नुकसान पहुंचा.ब्रह्मावर तालुक में छह और उडुपी तालुक में तीन मकानों को आंशिक नुकसान हुआ.इसके अलावा, मूडुतोंसे के एक सरकारी प्राथमिक विद्यालय और तीन किसानों की सुपारी की फसल को भी नुकसान पहुंचा है.
नालियों की सफाई बनी चुनौती
बारिश से पहले स्थानीय प्रशासन द्वारा नालियों और नहरों की सफाई तो की गई है, लेकिन कई स्थानों पर निकाली गई गाद और कचरा पास में ही छोड़ दिया गया है. इससे आशंका है कि बारिश होने पर वही कचरा फिर से नालियों में चला जाएगा, जिससे जलभराव की स्थिति बन सकती है.ग्राम पंचायतों और शहरी निकायों को इस मुद्दे को प्राथमिकता से हल करने के निर्देश दिए गए हैं.
उडुपी जिले में मानसून से पहले तैयारी तेज
उडुपी जिले की उपायुक्त डॉ. के. विद्याकुमारी और जिला पंचायत के सीईओ प्रतीक बायल ने संबंधित विभागों, नगर पालिकाओं और ग्राम पंचायतों को निर्देशित किया है कि स्टॉर्म वाटर ड्रेन्स की सफाई पूरी तरह की जाए,खतरनाक पेड़ों की छंटाई की जाए, और मैसूर इलेक्ट्रिसिटी के साथ समन्वय बनाकर आवश्यक तैयारियां पूरी की जाएं.













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