उत्तर भारत में बारिश का कहर, IMD ने यात्रियों को इन जगहों पर जाने से बचने की दी चेतावनी
Heavy rain wreaks havoc in Uttarakhand | PTI

नई दिल्ली: भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने दिल्ली, गुरुग्राम और उत्तर भारत के कई हिस्सों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है. सोमवार की तेज बारिश से दिल्ली के कई इलाकों में पानी भर गया, जिससे ट्रैफिक जाम और रूट डायवर्जन देखने को मिले. दिल्ली में यमुना का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है और यह अब खतरे के निशान 205.33 मीटर के करीब पहुंच गया है. ऐसे में निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है. दिल्ली सरकार ने बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने और जरूरत पड़ने पर सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी है.

उत्तर भारत में फिलहाल भारी बारिश ने लोगों और यात्रियों दोनों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं. दिल्ली और गुरुग्राम जैसे शहरों में पानी भरने और ट्रैफिक जाम से रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित हो रही है, जबकि उत्तराखंड और हिमाचल में भूस्खलन और बाढ़ का खतरा बना हुआ है. ऐसे में जरूरी है कि लोग सतर्क रहें, यात्रा सोच-समझकर करें और मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करें.

उत्तराखंड: क्लाउडबर्स्ट और फ्लैश फ्लड का खतरा

उत्तराखंड में मौसम विभाग ने रेड अलर्ट जारी किया है. देहरादून, टिहरी और नैनीताल में भारी से बहुत भारी बारिश की आशंका है. चारधाम यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को फिलहाल यात्रा टालने की सलाह दी गई है, क्योंकि लगातार बारिश से भूस्खलन और फ्लैश फ्लड का खतरा बना हुआ है.

पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़: किसानों के लिए चेतावनी

इन राज्यों में भी मौसम विभाग ने भारी बारिश अलर्ट जारी किया है. यहां तेज बारिश के साथ आंधी-तूफान की संभावना जताई गई है. किसानों को फसल को नुकसान से बचाने के लिए ज़रूरी कदम उठाने की सलाह दी गई है.

हिमाचल प्रदेश: भूस्खलन का अलर्ट

हिमाचल प्रदेश में शिमला, सोलन और कुल्लू जिलों में लगातार बारिश से भूस्खलन और मलबा गिरने की आशंका है. राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने पर्यटकों को पहाड़ी रास्तों पर सफर न करने और ज़्यादा से ज़्यादा घर के अंदर रहने की सलाह दी है.

यात्रियों और आम लोगों के लिए सुझाव

  • यात्रा टालें- गैर-जरूरी यात्रा को फिलहाल रोकें, खासकर पहाड़ी इलाकों में.
  • सुरक्षा उपकरण साथ रखें- छाता, रेनकोट और वॉटरप्रूफ जूते पहनें.
  • समय का ध्यान रखें- सफर में अतिरिक्त समय निकालें ताकि ट्रैफिक और डायवर्जन से परेशानी न हो.
  • स्थानीय अलर्ट देखें- प्रशासन और मौसम विभाग की ताज़ा जानकारी लगातार चेक करें.
  • इमरजेंसी नंबर पास रखें- किसी भी स्थिति में मदद लेने के लिए जरूरी है.