Heavy Rain in Chhatarpur: छतरपुर में बाढ़ जैसे हालात! कई इलाके पानी में डूबे, नदी में फंसे लोगों को किया गया रेस्क्यू;VIDEO

मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले में बारिश ने कहर मचा दिया है. कई गांव बाढ़ के चपेट में आ चुके है. कई जगहों से लोगों को रेस्क्यू किया गया है.

Credit-(X,@ArunaSaratheIND)

छतरपुर, मध्य प्रदेश: मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले में बारिश ने कहर मचा दिया है. कई गांव बाढ़ के चपेट में आ चुके है. कई जगहों से लोगों को रेस्क्यू किया गया है. लगातार बारिश के कारण जन जीवन अस्त व्यस्त हो गया है. बताया जा रहा है की 3 दशक बाद इस तरह की बारिश जिले में हुई है. पूरे इलाके में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं. सड़कों से लेकर घरों तक पानी भर गया है और सामान्य जीवन ठप हो गया है. प्रशासन ने खतरे को भांपते हुए स्कूलों में छुट्टी की घोषणा कर दी है. मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में और बारिश की चेतावनी दी है.छतरपुर शहर के निचले मोहल्लों में पानी इस कदर घुसा है कि लोगों को बाहर निकलना मुश्किल हो गया है. कई मकानों में पानी घुस गया है और सड़कें मानो तालाब बन गई हैं.

खजुराहो-बमीठा मार्ग पर तो हालात और भी गंभीर हैं, जहां सड़क पूरी तरह पानी में डूबी हुई है. इस वीडियो को सोशल मीडिया X पर @ArunaSaratheIND नाम के हैंडल से शेयर किया गया है. ये भी पढ़े:Chhatarpur: प्रसिद्ध धार्मिक स्थल जटाशंकर धाम में पहुंचा बारिश का पानी, भक्तों ने भीगते हुए किए भोलेनाथ के दर्शन, छतरपुर जिले का वीडियो आया सामने;VIDEO

छतरपुर में बारिश का कहर

गांवों का संपर्क टूटा

बमीठा क्षेत्र में पुखराव नदी पर बना एक अस्थायी पुल पानी के तेज बहाव में बह गया है. इससे खरयानी, पलकोहा, ढोड़न और भुसोर गांवों का मुख्य संपर्क मार्ग कट गया है. ग्रामीण अब पूरी तरह से बाहरी दुनिया से कट चुके हैं और प्रशासन से मदद की अपील कर रहे हैं.ईशानगर ब्लॉक में स्थित तरपेड जलाशय का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है.बांध लगभग 70 प्रतिशत तक भर चुका है और लगातार पानी वेस्ट वियर से बह रहा है. जल संसाधन विभाग के अनुसार, पानी का डिस्चार्ज 1206 क्यूमेक्स दर्ज किया गया है. आसपास के गांवों भेल्सी, हिलगुवां, सीगौन, दिदौल और पठादा को अलर्ट कर दिया गया है.

धसान नदी का जलस्तर बढ़ा

टीकमगढ़ सीमा पर बने सुजारा बांध के सभी 12 गेट फिर से खोल दिए गए हैं. इससे धसान नदी का जलस्तर बढ़ने की आशंका जताई गई है. परियोजना एसडीओ आरएस शेजवार ने बताया कि गेटों से 0.5 मीटर तक पानी छोड़ा जा रहा है, जिससे नदी में प्रति सेकंड 660 घन मीटर पानी पहुंच रहा है. यह स्थिति और अधिक खतरनाक हो सकती है.

करीब 50 लोगों को किया गया रेस्क्यू

नदी, नालों और बाढ़ में फंसे लोगों को एनडीआरएफ की टीम ने रेस्क्यू किया है. बताया जा रहा है कि करीब 50 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया.

 

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