देश

हरियाणा: सीएम खट्टर का बड़ा फैसला, न्यायिक हिरासत में भेजे गए कैदियों को कोविड-19 की रिपोर्ट आने तक विशेष जेलों में रखा जायेगा

देश में कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण ने कहर बरपा रखा है. आलम ये है कि इस वायरस की चपेट से कोई भी अछूता नहीं है. फिर चाहे अभिनेता, नेता, पुलिस, डॉक्टर, सैनिक, आम इंसान या फिर जेल में सजा काट रहे कैदी ही क्यों न हो. सभी पर कोरोना का प्रकोप को मंडरा रहा है. कुछ दिनों लगातार खबरें आ रही हैं कि जेल में बंद कैदी भी कोरोना से संक्रमित पाए जा रहे हैं. इसी के मद्दे नजर हरियाणा की सरकार ने बड़ा फैसला लिया है. जिसके मुताबिक हरियाणा सरकार ने प्रदेश में न्यायिक हिरासत में भेजे गए सभी नए पुरुष कैदियों को उनकी कोविड-19 की रिपोर्ट आने तक कारावास में रखने के लिए तुरंत प्रभाव से एक केंद्रीय जेल और तीन जिला जेलों को विशेष जेल (अस्थायी जेल) घोषित करने का निर्णय लिया है.

हरियाणा: सीएम खट्टर का बड़ा फैसला, न्यायिक हिरासत में भेजे गए कैदियों को कोविड-19 की रिपोर्ट आने तक विशेष जेलों में रखा जायेगा
सीएम मनोहर लाल खट्टर (Photo Credits File)

देश में कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण ने कहर बरपा रखा है. आलम ये है कि इस वायरस की चपेट से कोई भी अछूता नहीं है. फिर चाहे अभिनेता, नेता, पुलिस, डॉक्टर, सैनिक, आम इंसान या फिर जेल में सजा काट रहे कैदी ही क्यों न हो. सभी पर कोरोना का प्रकोप को मंडरा रहा है. कुछ दिनों लगातार खबरें आ रही हैं कि जेल में बंद कैदी भी कोरोना से संक्रमित पाए जा रहे हैं. इसी के मद्दे नजर हरियाणा की सरकार ने बड़ा फैसला लिया है. जिसके मुताबिक हरियाणा सरकार ने प्रदेश में न्यायिक हिरासत में भेजे गए सभी नए पुरुष कैदियों को उनकी कोविड-19 की रिपोर्ट आने तक कारावास में रखने के लिए तुरंत प्रभाव से एक केंद्रीय जेल और तीन जिला जेलों को विशेष जेल (अस्थायी जेल) घोषित करने का निर्णय लिया है.

मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर के सीएमओ ऑफिस से ट्वीट कर के इस बात की जानकारी दी गई है. इन विशेष जेल हिसार में केंद्रीय जेल-दो, और फरीदाबाद, करनाल तथा रेवाड़ी की जिला जेल होंगी. इन विशेष जेलों में कैदियों की जांच और उपचार के लिए एक-एक चिकित्सा अधिकारी और अन्य पैरामेडिकल स्टॉफ की प्रतिनियुक्ति की जाएगी.

ANI का ट्वीट:- 

बयान में कहा गया है कि यह सुनिश्चित किया जाएगा कि मेडिकल अधिकारियों और पैरामेडिकल स्टॉफ की कोविड-19 के लिए जांच की जाए और उनकी जांच रिपोर्ट नकारात्मक आने पर ही उन्हें जेलों में ड्यूटी पर रखा जाए. हरियाणा सरकार द्वारा जारी किए गए आदेश में कहा गया है कि कैदियों की जांच केवल सरकारी संस्थानों में रैपिड जांच किट के बजाय आरटी-पीसीआर का इस्तेमाल करके की जायेगी. हरियाणा की सरकार ने राज्य में कोरोना वायरस से संक्रमित मरीजों की बढ़ती संख्या के बाद यह फैसला लिया है. (भाषा इनपुट)

(The above story first appeared on LatestLY on Jul 21, 2020 10:39 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).