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दिल्ली-NCR में फैल रहा H3N2 फ्लू; इन लोगों में रहता है इन्फेक्शन का ज्यादा खतरा, ऐसे करें बचाव

दिल्ली, गुरुग्राम, नोएडा, फरीदाबाद और गाजियाबाद में H3N2 फ्लू (H3N2 Flu) तेजी से फैल रहा है. एक हालिया सर्वे में पाया गया कि इन इलाकों के लगभग 69% घरों में किसी न किसी को बुखार, खांसी, गले में खराश और थकान जैसे फ्लू के लक्षण देखने को मिले.

दिल्ली-NCR में फैल रहा H3N2 फ्लू; इन लोगों में रहता है इन्फेक्शन का ज्यादा खतरा, ऐसे करें बचाव
Representational Image | Pixabay

दिल्ली, गुरुग्राम, नोएडा, फरीदाबाद और गाजियाबाद में H3N2 फ्लू (H3N2 Flu) तेजी से फैल रहा है. एक हालिया सर्वे में पाया गया कि इन इलाकों के लगभग 69% घरों में किसी न किसी को बुखार, खांसी, गले में खराश और थकान जैसे फ्लू के लक्षण देखने को मिले. H3N2 फ्लू एक रेस्पिरेटरी वायरल इंफेक्शन है जो मुख्य रूप से 50 साल से ज्यादा उम्र के लोगों और 15 साल से कम उम्र के बच्चों को प्रभावित करता है.

यह इन्फ्लुएंजा A वायरस का सबटाइप है. इसके सतही प्रोटीन (हेमाग्लूटिनिन H3 और न्यूरामिनिडेज N2) अक्सर म्यूटेट होते रहते हैं, जिससे वैक्सीन की प्रभावशीलता घट जाती है.

कैसे फैलता है यह वायरस?

H3N2 फ्लू संक्रामक (Communicable) है. यह वायरस संक्रमित व्यक्ति के खांसने, छींकने या बात करने पर निकलने वाली बूंदों (Droplets) से फैलता है. इसके अलावा संक्रमित सतहों को छूने से भी संक्रमण हो सकता है.

  • बुजुर्ग, बच्चे, गर्भवती महिलाएं और डायबिटीज, अस्थमा या हृदय रोग जैसी बीमारियों से पीड़ित लोग ज्यादा खतरे में रहते हैं.
  • भीड़भाड़ वाली जगहें जैसे स्कूल, हॉस्टल, नर्सिंग होम और जेल संक्रमण के हॉटस्पॉट माने जाते हैं.

H3N2 फ्लू के लक्षण

इस संक्रमण के लक्षण अचानक शुरू होते हैं और सामान्य फ्लू से मिलते-जुलते होते हैं:

  • तेज बुखार और ठंड लगना
  • गले में खराश और खांसी
  • सिरदर्द और शरीर में दर्द
  • थकान और कमजोरी
  • पेट दर्द, उल्टी या दस्त (कुछ मामलों में)
  • सांस लेने में तकलीफ (गंभीर मामलों में)

H3N2 फ्लू की जांच

ज्यादातर मामलों का पता लक्षण देखकर ही लगाया जाता है. हालांकि, कुछ मामलों में थ्रोट स्वैब, कल्चर टेस्ट, रैपिड इन्फ्लुएंजा डायग्नॉस्टिक टेस्ट और एंटीबॉडी टेस्ट से भी पुष्टि की जाती है.

इलाज कैसे होता है?

  • अधिकांश लोग 3-5 दिनों में आराम और तरल पदार्थ लेने से ठीक हो जाते हैं.
  • जरूरत पड़ने पर डॉक्टर एंटीवायरल दवाएं जैसे Oseltamivir लिख सकते हैं. यह दवा शुरुआती 48 घंटे में लेने से बीमारी की गंभीरता कम कर देती है.
  • गर्म पानी से गरारे और भाप लेना गले और खांसी में राहत देता है.
  • आईसीएमआर की सलाह है कि डॉक्टर एंटीबायोटिक्स की बजाय लक्षणों के अनुसार इलाज करें.
  • गंभीर लक्षण या हाई-रिस्क मरीजों को अस्पताल में भर्ती करने की जरूरत हो सकती है.

कैसे करें बचाव?

  • मास्क पहनें और हाथों की साफ-सफाई रखें.
  • खांसते या छींकते समय रुमाल/टिश्यू का प्रयोग करें.
  • भीड़भाड़ वाली जगहों से बचें.
  • स्वस्थ खानपान और पर्याप्त नींद लें ताकि इम्यूनिटी मजबूत रहे.

H3N2 फ्लू नया वायरस नहीं है, लेकिन इसका नया स्ट्रेन मौसम बदलने पर तेजी से फैल रहा है. अधिकतर लोग घर पर ही ठीक हो जाते हैं, परंतु कमजोर इम्यूनिटी वाले लोगों को सावधानी बरतनी जरूरी है. समय पर पहचान और सही इलाज से इससे बचाव संभव है.

(The above story first appeared on LatestLY on Sep 25, 2025 05:22 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).