Gurugram Lawyer ISI Case: गुरुग्राम के एक वकील पर पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI को अहम इनपुट भेजने का गंभीर आरोप लगा है. जांच में सामने आया है कि आरोपी वकील के दो बैंक अकाउंट थे और वह कई बार अमृतसर जाकर पैसे लेता था. यह जानकारी आरोपी के करीबी और उसके वकील मित्र मुशर्रफ उर्फ परवेज से पूछताछ में सामने आई है.
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सोहना कोर्ट में इंटर्नशिप के दौरान हुई दोस्ती
मुशर्रफ ने पुलिस को बताया कि 2022 में सोहना कोर्ट में इंटर्नशिप के दौरान उसकी मुलाकात रिजवान से हुई थी. रिजवान गुरुग्राम में वकालत करता था जबकि मुशर्रफ बाद में नूंह में प्रैक्टिस करने लगा. दोनों के बीच पेशेवर और व्यक्तिगत स्तर पर संपर्क बना रहा. इसी बीच पुलिस को रिजवान की गतिविधियां संदिग्ध लगीं और उसके पाकिस्तान से संवाद की जानकारी मिली.
NIA की सूचना पर नूंह से हुई गिरफ्तारी
राष्ट्रीय जांच एजेंसी NIA से मिले इनपुट के बाद नूंह पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए रिजवान को उसके ससुराल पीपाका गांव से गिरफ्तार किया. पुलिस ने उसके घर पर छापा डालकर कई अहम दस्तावेज भी बरामद किए हैं. जांच एजेंसियों के अनुसार रिजवान के पाकिस्तान दौरे, डिजिटल लेनदेन और कथित पाकिस्तानी संपर्कों से चैटिंग की पड़ताल की जा रही है. उसके मोबाइल और बैंक रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं.
'रिश्तेदारों से बात करने पर बनाया आरोपी'
रिजवान के परिवार ने जांच एजेंसियों के आरोपों को सिरे से नकार दिया है. उनका कहना है कि वह पाकिस्तान में सिर्फ अपने रिश्तेदारों से बात करता था और किसी भी तरह की देशविरोधी गतिविधि में शामिल नहीं था. परिवार का आरोप है कि बिना ठोस सबूत के उसे फंसाया जा रहा है.
मेवात में जासूसी के तीन मामले सामने आए
यह मेवात क्षेत्र में इस साल जासूसी से जुड़ा तीसरा मामला है. इससे पहले मई में कंगारका गांव के फर्जी डॉक्टर मोहम्मद तारिफ को भारतीय वायुसेना से जुड़ी जानकारी पाक संपर्कों तक भेजने के आरोप में पकड़ा गया था. इसके दो दिन पहले राजाका गांव के अरमान को भी इसी तरह के केस में गिरफ्तार किया गया था.
तीनों मामलों की जांच जारी है और एजेंसियां रिजवान के पैसों और डिजिटल गतिविधियों की गहराई से पड़ताल कर रही हैं.












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