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गुजरात: कांग्रेस ने आदिवासी युवकों की पिटाई करने वाले पुलिसकर्मियों के निलंबन की मांग की

गुजरात के डांग जिले के कांग्रेस नेताओं ने अहमदाबाद में आदिवासी युवकों की बेरहमी से पिटाई करने वाले पुलिसकर्मियों को निलंबित करने की मांग की है. कांग्रेस ने कहा है कि अगर पुलिस कार्रवाई करने में विफल रहती है, तो पार्टी इसके खिलाफ आंदोलन शुरू करेगी.

गुजरात: कांग्रेस ने आदिवासी युवकों की पिटाई करने वाले पुलिसकर्मियों के निलंबन की मांग की
कांग्रेस (Photo Credits: Wikimedia Commons)

अहवा (गुजरात), 10 जुलाई : गुजरात के डांग जिले के कांग्रेस नेताओं ने अहमदाबाद में आदिवासी युवकों की बेरहमी से पिटाई करने वाले पुलिसकर्मियों को निलंबित करने की मांग की है. कांग्रेस ने कहा है कि अगर पुलिस कार्रवाई करने में विफल रहती है, तो पार्टी इसके खिलाफ आंदोलन शुरू करेगी. डांग के जिला कांग्रेस कार्यवाहक अध्यक्ष स्नेहल ठाकरे ने स्थानीय मीडिया को बताया है कि 6 युवकों को अहवा के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया है और पुलिस अत्याचार के दौरान लगी चोटों का इलाज किया जा रहा है. डांग पुलिस ने उनका बयान दर्ज कर लिया है और प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कर अहमदाबाद के कागदापीठ पुलिस स्टेशन में स्थानांतरित कर दी गई है.

कागदापीठ थाना प्रभारी ने आईएएनएस को बताया कि उन्हें अभी तक अहवा पुलिस की ओर से कोई प्राथमिकी नहीं मिली है. डांग में भारी बारिश के कारण सरकारी अस्पताल के कर्मचारी और पुलिस अधिकारी नहीं पहुंच सके. आदिवासी युवकों के अहवा पुलिस को दिए बयान के अनुसार रंजीत जादव, मोहन चौहान और छह अन्य कच्छ से अनार तोड़ने का कामकर लौट रहे थे. सीजन खत्म होने के बाद, उन्होंने कच्छ से अहमदाबाद के लिए बस ली. 7 जुलाई की रात वे अहमदाबाद में गीता मंदिर राज्य परिवहन बस टर्मिनल पर उतरे. यह भी पढ़ें : Maharashtra: आदित्य ठाकरे का एकनाथ शिंदे पर निशाना, कहा- जो छोड़कर गए, उनमें चुनाव लड़ने की ताकत होनी चाहिए

यहां सभी को पुलिस ने गीता मंदिर पुलिस चौकी से पकड़ लिया. पुलिस ने उनके सामान की जांच की और एक कैंची मिली और उन पर दाऊद इब्राहिम गिरोह के सदस्य होने का आरोप लगाया और उन्हें बेरहमी से पीटना शुरू कर दिया. गुहार लगाने पर पुलिस ने छह युवकों को यह धमकी देकर मुक्त कर दिया कि अगर उन्होंने इस बारे में किसी को बताया या शिकायत की तो उन्हें गंभीर परिणाम भुगतने होंगे.

अहवा पहुंचने के बाद उन्हें सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां शनिवार को इन युवकों ने आरोप लगाया कि जब उन्हें पुलिस चौकी ले जाया गया तो सीसीटीवी सिस्टम बंद था. स्नेहल ठाकरे ने आदिवासी युवकों के लिए न्याय की मांग की है और जिम्मेदार पुलिस अधिकारियों को निलंबित नहीं करने पर डांग में आंदोलन और विरोध शुरू करने की चेतावनी दी है.

(The above story first appeared on LatestLY on Jul 10, 2022 04:48 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).