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Sovereign Gold Bond: गोल्ड में निवेश का मौका फिर कब मिलेगा? SGB पर सरकार ने दी बड़ी अपडेट

When next Sovereign Gold Bond issue? सरकार ने सोने की बढ़ती अंतरराष्ट्रीय कीमतों के चलते फिलहाल सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड की नई किश्त को होल्ड पर रखा है. हालांकि योजना बंद नहीं हुई है, हालात सुधरते ही नई श्रृंखला जारी की जा सकती है.

Sovereign Gold Bond: गोल्ड में निवेश का मौका फिर कब मिलेगा? SGB पर सरकार ने दी बड़ी अपडेट
Government Answers A Query On Next SGB Issue Date.

Sovereign Gold Bond Issue Update: वित्त मंत्रालय ने मंगलवार, 22 जुलाई 2025 को एक महत्वपूर्ण सवाल का जवाब देते हुए स्पष्ट किया है, कि सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड (SGB) की अगली श्रृंखला आम जनता के लिए कब जारी की जाएगी, इस पर अब तक कोई तय तारीख नहीं है. साथ ही, मंत्रालय ने यह भी बताया है, कि लंबे समय से नई सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड श्रृंखला क्यों नहीं लाई गई है, और भविष्य में इसे जारी करने से पहले सरकार किन बातों पर विचार करेगी.

वित्त मंत्रालय ने क्या कहा?

वित्त मंत्रालय ने साफ किया है, कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमतों में भारी बढ़ोतरी के कारण फिलहाल सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड स्कीम को होल्ड पर रखा गया है. सरकार के लिए अब इस स्कीम के जरिए उधारी लेना पहले जितना फायदेमंद नहीं रहा है.

वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने राज्यसभा में जानकारी दी कि भारत सरकार सरकारी प्रतिभूतियों (Government Securities), ट्रेजरी बिल्स (Treasury Bills) और सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड जैसे विभिन्न साधनों से संसाधन जुटाती है. लेकिन यह तय करना कि किस माध्यम से फंड जुटाया जाए, पूरी तरह उस माध्यम की लागत (Cost Of Borrowing) पर निर्भर करता है.

उन्होंने यह भी बताया कि हाल ही में वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव (Geo-Political Unrest) की वजह से सोने की कीमतें काफी ऊपर चली गई हैं, जिससे सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड के माध्यम से उधारी लेना महंगा हो गया है. ऐसे में जब तक लागत प्रभावी नहीं होती, नई सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड श्रृंखला लाने का निर्णय टाला जा सकता है.

भविष्य में क्या होगा?

सरकार ने साफ किया है, कि अगर भविष्य में सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड श्रृंखला से उधारी की लागत कम होती है, तो फिर से नई किस्तें (New Tranches) जारी की जा सकती हैं. यानी योजना को पूरी तरह बंद नहीं किया गया है, बस फिलहाल हालात को देखते हुए अगली किश्त पर रोक लगाई गई है.

अब तक कितना निवेश हुआ है?

सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड योजना की शुरुआत साल 2015 में सरकार ने इस उद्देश्य से की थी कि देश में फिजिकल गोल्ड (सोने की भौतिक खरीद) की मांग को कम किया जा सके और लोग निवेश के लिए एक सुरक्षित और बेहतर विकल्प की ओर आकर्षित हों. इस योजना के तहत लोग सोने में निवेश तो करते हैं, लेकिन उन्हें सोना खरीदकर घर में रखने की जरूरत नहीं होती है.

सरकारी आंकड़ों के अनुसार, 31 मार्च 2025 तक इस स्कीम के जरिए कुल 146.96 टन सोने के बराबर निवेश हुआ है, जिसकी कुल वैल्यू करीब 72,275 करोड़ रुपये रही है. अब तक इस योजना के तहत कुल 67 ट्रांच (किस्तें) जारी की जा चुकी हैं.

वहीं, समय पूरा होने पर निवेशकों द्वारा 18.81 टन के बराबर सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड्स को जून 2025 तक रिडीम (Redeem) भी किया जा चुका है. यह डेटा बताता है, कि इस योजना को निवेशकों से अच्छा रिस्पॉन्स मिला है, और यह फिजिकल गोल्ड की तुलना में एक व्यवहारिक विकल्प बनकर उभरा है.

निवेशकों के लिए क्या है महत्वपूर्ण संदेश?

इस समय सरकार ने कोई नया सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड श्रृंखला घोषित नहीं किया है. लेकिन इसका मतलब यह नहीं है, कि योजना बंद कर दी गई है. वित्त मंत्रालय ने साफ कहा है, कि सरकार सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड की स्थिति और बाजार के हालात पर लगातार नजर रखे हुए है. सरकार की प्राथमिकता फिलहाल उधारी लागत (Borrowing Cost) को न्यूनतम रखना है. चूंकि अभी सोने की कीमतें काफी ऊंची हैं, इसलिए सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड के जरिए पैसा जुटाना सरकार के लिए महंगा साबित हो रहा है. इसी वजह से नई किस्तों में देरी हो रही है.

निवेशकों को फिलहाल थोड़ा इंतजार करना पड़ेगा, लेकिन अच्छी बात यह है, कि योजना जारी है, और जैसे ही परिस्थितियां अनुकूल होंगी, नई किस्तें (New Tranches) जारी की जा सकती हैं.

इसलिए अगर आप सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड में निवेश की योजना बना रहे हैं, तो फिलहाल सतर्क रहें और सरकारी घोषणाओं पर नजर बनाए रखें — नई सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड श्रृंखला की उम्मीद अब भी जिंदा है.

(The above story first appeared on LatestLY on Jul 24, 2025 11:00 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).