Pandhurna Gotmar Mela: एक दुसरे को पत्थर मारने का त्यौहार, मध्य प्रदेश के पांढुर्ना जिले में मनाया गया 'गोटमार मेला' उत्सव, सैकड़ों लोग हुए घायल; VIDEO
मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के पांढुर्ना (Pandhurna) जिले में एक ऐसा उत्सव साल में एक बार मनाया जाता है,जिसमें कई लोग घायल हो जाते है और इसके लिए बकायदा प्रशासन भी मुस्तैद रहता है. इस उत्सव का नाम 'गोटमार मेला (Gotmar Mela) है.
Pandhurna Gotmar Mela: मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh)के पांढुर्ना (Pandhurna)जिले में एक ऐसा उत्सव साल में एक बार मनाया जाता है,जिसमें कई लोग घायल हो जाते है और इसके लिए बकायदा प्रशासन भी मुस्तैद रहता है. इस उत्सव का नाम 'गोटमार मेला (Gotmar Mela) है. इसमें गांव के लोग नदी पर जमा होकर एक दुसरे पर जमकर पत्थर मारते है. ये एक काफी पुरानी परंपरा (Tradition) है और जिसके लिए आज भी गांव के लोग इकठ्ठा होते है और एक दुसरे पर पत्थरबाजी करते है. इस बार भी ये त्यौहार मनाया गया. इस दौरान बताया जा रहा है की हजार से ज्यादा लोग इस पत्थरबाजी में घायल हुए हुए. इस दौरान किसी के हाथ टूटे है तो किसी के पैर तो किसी का सिर फट गया है. ये उत्सव 23 अगस्त को मनाया जाता है और कल इसको मनाया गया. ये उत्सव पांढुर्ना (Pandhurna)और सावरगांव (Savargaon)के बीच लगभग 300 साल से चली आ रही एक ऐसी परंपरा है, जिसको लोग हर साल मनाते है. इस उत्सव का एक वीडियो भी सामने आया है.
जिसमें लोग नदी किनारे खड़े होकर एक दुसरे पर पत्थर बरसा रहे है. इस वीडियो को सोशल मीडिया X पर @Thenews0fficial नाम के हैंडल से शेयर किया गया है. ये भी पढ़े:Bentmar Gangaur Mela 2025: कुंवारों लड़कों पर भाभियां बरसाती हैं लाठी, तब होती है उनकी शादी…जानें जोधपुर के इस अनोखे मेले की अनूठी परंपरा (Watch Video)
पांढुर्ना का गोटमार मेला
Pandhurna Gotmar Mela 2025 : परंपरा के नाम पर बरसाए पत्थर, 1000 से अधिक घायल, कलेक्टर-एसपी दूर से दूरबीन लगाकर देखते रहे नजारा#Chhindwara #Gotmar #Pandhurna #GotmarMela #Pandhurna #MadhyaPradesh #StoneBattleFair #PolaFestival #GotmarMela #MadhyaPradesh pic.twitter.com/fUtKhZcVF2
— The news (@Thenews0fficial) August 23, 2025
कैसे मनाया जाता है ये उत्सव?
ऐसा माना जाता है कि इसकी शुरुआत 17वीं शताब्दी (17th century) में हुई थी. शहर के बीच में नदी के उस पार सावरगांव (Savargaon) और इस पार को पांढुर्ना (Pandhurna) कहा जाता है. कृष्ण पक्ष के दिन यहां बैलों का त्यौहार पोला (Pola) धूमधाम से मनाया जाता है. इसी दिन सावरगांव के लोग पलाश के पेड़ को काटकर जाम नदी के बीच गाड़ते है उस पेड़ पर लाल कपड़ा, तोरण, नारियल, हार और झाड़ियां चढ़ाकर उसका पूजन किया जाता है. दूसरे दिन सुबह होते ही लोग उस पेड़ की और झंडे की पूजा करते है और फिर सुबह 8 बजे से शुरु हो जाता है एक दूसरे को पत्थर मारने का ये खेल. जो शाम तक जारी रहता है.
क्या है मान्यता?
इस मेले के आयोजन के संबंध में कई प्रकार की कहानियां हैं. इन कहानियों में सबसे प्रचलित कहानी यह है कि सावरगांव (Savargaon) की एक आदिवासी कन्या का पांढुर्ना (Pandhurna) के किसी लड़के से प्रेम हो गया था. दोनों ने चोरी छिपे प्रेम विवाह कर लिया.पांढुर्ना का लड़का साथियों के साथ सावरगांव जाकर लड़की को भगाकर अपने साथ ले जा रहा था. उस समय जाम नदी पर पुल नहीं था. नदी में गर्दन भर पानी रहता था, जिसे तैरकर या किसी की पीठ पर बैठकर पार किया जा सकता था और जब लड़का लड़की को लेकर नदी से जा रहा था तब सावरगांव के लोगों को पता चला और उन्होंने लड़के व उसके साथियों पर पत्थरों से हमला शुरू किया.
जानकारी मिलने पर पहुंचे पांढुर्ना पक्ष के लोगों ने भी जवाब में पथराव शुरू कर दी. पांढुर्ना पक्ष एवं सावरगांव पक्ष के बीच इस पत्थरों की बौछारों से इन दोनों प्रेमियों की मृत्यु जाम नदी के बीच ही हो गई.दोनों प्रेमियों की मृत्यु के पश्चात दोनों पक्षों के लोगों को अपनी शर्मिंदगी का एहसास हुआ और दोनों प्रेमियों के शवों को उठाकर किले पर मां चंडिका के दरबार में ले जाकर रखा और पूजा-अर्चना करने के बाद दोनों का अंतिम संस्कार कर दिया गया. संभवतः इसी घटना की याद में मां चंडिका (Maa Chandika) की पूजा-अर्चना कर गोटमार मेले का आयोजन किया जाता है.
मेले के दौरान तैनात रहे 45 डॉक्टर और 16 एंबुलेंस
इस मेले के दौरान भारी पुलिस बल (Police Force) तैनात किया गया था. इस दौरान 45 डॉक्टर (Doctors) और 16 एम्बुलेंस (Ambulance) मौके पर तैनात रही. अब तक इस मेले में कई लोगों की मौत हो चुकी है. हर साल ये मेला आयोजित होता है और पुलिस प्रशासन की लाख कोशिशों के बाद भी इसे मनाया जाता है.
(The above story first appeared on LatestLY on Aug 24, 2025 07:54 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

