देश

Golden Gujiya Video: गोंडा में 24 कैरेट सोने से सजी 'गोल्डन गुजिया' की धूम, कीमत 50,000 रुपये प्रति किलो

उत्तर प्रदेश के गोंडा में होली पर 50,000 रुपये किलो की 'गोल्डन गुजिया' लोगों के आकर्षण का केंद्र बनी हुई है. इस खास गुजिया में 24 कैरेट सोने की परत के साथ प्रीमियम सूखे मेवे और विदेशी केसर का इस्तेमाल किया गया है.

Golden Gujiya Video: गोंडा में 24 कैरेट सोने से सजी 'गोल्डन गुजिया' की धूम, कीमत 50,000 रुपये प्रति किलो

गोंडा: होली का त्योहार आते ही बाजारों में मिठाइयों की बहार आ जाती है, लेकिन उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले में एक मिठाई की दुकान ने लोगों को चौंका दिया है. यहां 50,000 रुपये प्रति किलो की दर से 'गोल्डन गुजिया' बेची जा रही है, जिसकी कीमत प्रति पीस 1300 रुपये है.

दुकान के मैनेजर शिवकांत चतुर्वेदी ने बताया कि यह खास गुजिया 24 कैरेट सोने की परत से सजी हुई है. उन्होंने कहा, "हमारी 'गोल्डन गुजिया' में शुद्ध सोने की परत चढ़ाई गई है. इसके अलावा, इसमें प्रीमियम क्वालिटी के सूखे मेवे, काजू, बादाम, पिस्ता और विदेशी केसर का इस्तेमाल किया गया है."

सोने की परत और अनोखी स्टफिंगशिवकांत चतुर्वेदी के अनुसार, इस खास गुजिया को तैयार करने में विशेष सावधानी बरती जाती है. इसकी स्टफिंग में पारंपरिक खोया के साथ-साथ विदेशी केसर और हाई क्वालिटी के ड्राई फ्रूट्स का मिश्रण किया जाता है. ऊपर से इसे खाने योग्य सोने की पतली परत से सजाया जाता है, जो इसे बेहद आकर्षक और खास बनाती है.

गोल्डन गुजिया को लेकर लोगों में जबरदस्त उत्साहइस अनोखी मिठाई को देखने और खरीदने के लिए लोगों की भीड़ उमड़ रही है. कई लोग इसे होली के मौके पर गिफ्ट करने के लिए खरीद रहे हैं. वहीं, सोशल मीडिया पर भी 'गोल्डन गुजिया' चर्चा का विषय बनी हुई है.

क्या कह रहे हैं ग्राहक?गुजिया खरीदने आए एक ग्राहक राजेश गुप्ता ने कहा, "पहली बार इतनी महंगी गुजिया देखी है. स्वाद लाजवाब है, और इसमें इस्तेमाल किए गए मेवे और सोने की परत इसे वाकई खास बनाते हैं." वहीं, कुछ लोगों का मानना है कि इतनी महंगी गुजिया खरीदना हर किसी के बस की बात नहीं है, लेकिन त्योहार पर कुछ खास करने का यह एक नया तरीका हो सकता है.

गोल्डन गुजिया की बढ़ती मांगदुकान के मालिक के अनुसार, यह खास गुजिया एक लिमिटेड एडिशन प्रोडक्ट है और हर दिन इसकी सीमित संख्या ही तैयार की जाती है. उन्होंने बताया कि इस मिठाई को बनाने में पारंपरिक विधियों का इस्तेमाल किया गया है, जिससे इसका स्वाद और गुणवत्ता बनी रहे.

(The above story first appeared on LatestLY on Mar 13, 2025 08:27 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).