Gold Rate Update: सोना चढ़ा आसमान पर, एक दिन में 5000 रुपये की बढ़त, जानें वजह
Gold Price Today: सोने और चांदी की कीमतों में रिकॉर्ड बढ़ोतरी हुई है, और निवेशक अंतरराष्ट्रीय आर्थिक उतार-चढ़ाव को देखते हुए इन्हें सुरक्षित निवेश मानकर खरीद रहे हैं.
मंगलवार को सोने और चांदी की कीमतों में एक ही दिन में रिकॉर्ड तोड़ बढ़ोतरी दर्ज की गई है. वैश्विक बाजार में बढ़ती मांग और टैरिफ के चलते सोना 5,080 रुपये बढ़कर 1,12,750 रुपये प्रति 10 ग्राम तक पहुँच गया है. वहीं, चांदी की कीमतें भी 2,800 रुपये की बढ़ोतरी के साथ 1,28,800 रुपये प्रति किलोग्राम (सभी करों सहित) हो गईं है. इससे पहले चांदी 1,26,000 रुपये प्रति किलोग्राम पर ट्रेड कर रही थी. निवेशक अब अंतरराष्ट्रीय आर्थिक अस्थिरता और बाजार के उतार-चढ़ाव को देखते हुए सोने को सुरक्षित विकल्प मानकर खरीदारी कर रहे हैं.
मुंबई में 24 कैरेट सोने की कीमत
मुंबई में 24 कैरेट सोने की कीमत मंगलवार को 1,13,197 रुपये प्रति 10 ग्राम (जीएसटी सहित) तक पहुँच गई, जिसमें पिछले कुछ दिनों की बढ़ती कीमतों के चलते 1,442 रुपये की बढ़ोतरी हुई है. 1 सितंबर को सोने का भाव 1,08,459 रुपये प्रति 10 ग्राम था, और 1 से 9 सितंबर के बीच सोने की कीमत में कुल 4,738 रुपये की वृद्धि हुई है. रिपोर्ट के अनुसार, कीमत बढ़ने से छोटे ग्राहकों की संख्या में कुछ कमी आई है, लेकिन बड़े निवेशक अब भी सोने को सुरक्षित विकल्प मानकर निवेश कर रहे हैं, इसलिए बाजार का आर्थिक कारोबार ज्यादा प्रभावित नहीं हुआ है.
चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव
मंगलवार को चांदी की कीमतों में भी बढ़ोतरी देखी गई है. पिछले सप्ताह स्थिर रहने के बाद चांदी की कीमत 1,030 रुपये बढ़कर 1,29,780 रुपये प्रति किलोग्राम (जीएसटी सहित) हो गई. हालांकि कीमतें बढ़ गई हैं, त्योहारों के मौसम में सोना और चांदी की खरीद पूरी तरह से बंद नहीं हुई है, लेकिन सामान्य ग्राहकों की खरीद लगभग 30 प्रतिशत कम हो गई है.
सोना और चांदी की कीमतों को कौन-कौन सी चीज़ें प्रभावित करती हैं?
डॉलर-रुपया एक्सचेंज रेट का प्रभाव
सोने और चांदी की कीमतें अंतरराष्ट्रीय बाजार में डॉलर में तय होती हैं. यदि डॉलर मजबूत होता है, या रुपया कमजोर होता है, तो भारत में सोना तुरंत महंगा हो जाता है.
आयात शुल्क और कर
भारत में इस्तेमाल होने वाला ज्यादातर सोना बाहर से आता है. इसलिए इसमें लगने वाला आयात शुल्क, जीएसटी और स्थानीय टैक्स सीधे सोने और चांदी की कीमतों पर असर डालते हैं.
वैश्विक बाजार में उतार-चढ़ाव
युद्ध, आर्थिक मंदी और ब्याज दरों में बदलाव जैसी वैश्विक घटनाएँ सोने की कीमतों को सीधे प्रभावित करती हैं. जब बाजार में अस्थिरता होती है, निवेशक शेयर या अन्य विकल्पों की बजाय सोने को सुरक्षित निवेश मानते हैं.
सांस्कृतिक और पारंपरिक मांग
भारत में सोना सिर्फ निवेश का साधन नहीं बल्कि परंपरा और संस्कृति से भी जुड़ा है. शादियों, त्योहारों और शुभ अवसरों पर सोना खरीदना शुभ माना जाता है. इस कारण सोने और चांदी की मांग हमेशा अधिक रहती है.
महंगाई और सुरक्षित निवेश
जब महंगाई बढ़ती है या शेयर बाजार में जोखिम होता है, लोग सोने में निवेश करना पसंद करते हैं. लंबे समय से सोना महंगाई के मुकाबले सुरक्षित और अच्छा रिटर्न देने वाला विकल्प माना जाता है.
सोने और चांदी की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं, और निवेशक इसे सुरक्षित निवेश मानकर खरीद रहे हैं. त्योहारों और शादी के सीज़न में मांग बढ़ने से कीमतें और ऊँची हो सकती हैं, इसलिए निवेशक और सामान्य ग्राहक दोनों इस तेजी को ध्यान में रखते हुए अपनी खरीदारी या निवेश का फैसला कर सकते हैं.
(The above story first appeared on LatestLY on Sep 10, 2025 11:09 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

