Gold-Silver Price Crash: हाल के दिनों में भारतीय सर्राफा बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में उल्लेखनीय उतार-चढ़ाव दर्ज किया गया है, जिसने निवेशकों और उपभोक्ताओं दोनों का ध्यान खींचा है. वैश्विक आर्थिक संकेतों और भू-राजनीतिक तनावों के बीच, कीमती धातुओं की कीमतों में अस्थिरता बनी हुई है. बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, यह उतार-चढ़ाव कई घरेलू और अंतरराष्ट्रीय कारकों का परिणाम है, जो निवेशकों को सतर्क रहने की सलाह दे रहे हैं. Gold Rate Today: भारत में 22K-24K सोने के दाम स्थिर, यहां जानें दिल्ली-मुंबई समेत सभी शहरों के लेटेस्ट रेट
कीमतों में हालिया बदलाव
पिछले कुछ समय से सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट देखी गई है, हालांकि यह गिरावट उपयोगकर्ता द्वारा उल्लिखित ₹24000 और ₹4500 की भारी गिरावट के समान नहीं है. नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, 24 कैरेट सोने का भाव ₹63,000 प्रति 10 ग्राम के आसपास बना हुआ है, जबकि चांदी की कीमतें ₹72,000 प्रति किलोग्राम के करीब हैं. यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि कीमतें लगातार बदलती रहती हैं और स्थानीय बाजारों में इनमें थोड़ा अंतर हो सकता है. यह गिरावट मुख्य रूप से वैश्विक बाजारों में डॉलर की मजबूती और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में वृद्धि के कारण हुई है, जिससे सोने की अपील एक सुरक्षित निवेश के रूप में कम हुई है.
गिरावट के पीछे के कारण
सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट के कई कारण हैं. सबसे प्रमुख कारणों में से एक अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में संभावित वृद्धि की अटकलें हैं. जब ब्याज दरें बढ़ती हैं, तो डॉलर मजबूत होता है, जिससे अन्य मुद्राओं वाले निवेशकों के लिए सोना महंगा हो जाता है. इसके अतिरिक्त, वैश्विक इक्विटी बाजारों में सुधार और आर्थिक विकास की उम्मीदें भी निवेशकों को सोने जैसे सुरक्षित निवेश से दूर कर जोखिम भरी संपत्तियों की ओर धकेल रही हैं. भू-राजनीतिक स्थिरता में कमी और कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव भी कीमती धातुओं की कीमतों पर अप्रत्यक्ष रूप से प्रभाव डालते हैं.
बाजार का आगे का रुख और विशेषज्ञों की राय
बाजार विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले समय में सोने और चांदी की कीमतों में और उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है. कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा गिरावट खरीदारी का एक अच्छा अवसर हो सकती है, खासकर उन लोगों के लिए जो लंबी अवधि के लिए निवेश करना चाहते हैं. हालांकि, अल्पकालिक निवेशकों को बाजार की अस्थिरता को देखते हुए सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है. भू-राजनीतिक घटनाक्रम, केंद्रीय बैंकों की नीतियां और वैश्विक आर्थिक आंकड़े कीमती धातुओं के भविष्य के रुझान को निर्धारित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे. निवेशकों को सलाह दी जाती है कि वे निवेश करने से पहले विशेषज्ञों से सलाह लें और बाजार के नवीनतम अपडेट पर नजर रखें.













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