सोने की कीमतों में भारी गिरावट दर्ज की गई है. अपने अब तक के रिकॉर्ड उच्च स्तर यानी 1 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम से सोना लगभग 5% गिर चुका है. इस गिरावट की वजह वैश्विक स्तर पर सकारात्मक व्यापार वार्ता, अमेरिका-चीन के बीच 90 दिनों के लिए टैरिफ युद्ध पर रोक, वैश्विक आर्थिक हालात में सुधार और भारत-पाकिस्तान के बीच सीमा पर तनाव कम होने से जुड़ी है.
अब क्या है सोने का भाव?
शुक्रवार को मुंबई में 24 कैरेट सोना 2,000 रुपये की गिरावट के साथ 94,080 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया है. वहीं, मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर जून 5 की एक्सपायरी (Expiry) वाले गोल्ड फ्यूचर (Gold Futures) की कीमत 93,280 रुपये प्रति 10 ग्राम रही है.
वैश्विक बाजार में भी आई गिरावट
दुनियाभर में सोने की कीमतों में करीब 6% की गिरावट आई है. हालांकि गुरुवार को थोड़ी रिकवरी देखने को मिली थी. अंतरराष्ट्रीय बाजार में गोल्ड (GCM5) $3,224 प्रति औंस पर ट्रेड कर रहा है, जबकि 21 अप्रैल 2025 को यह $3,425.30 प्रति औंस के उच्चतम स्तर पर था.
चांदी की कीमत में भी गिरावट
चांदी की कीमतों में भी गिरावट देखी गई है, और यह मुंबई में 1,000 रुपये की गिरावट के साथ 97,900 रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गया है.
अब निवेशकों को क्या करना चाहिए?
रिपोर्ट के मुताबिक, इस मामले में विशेषज्ञों की राय बंटी हुई है. कुछ इसे खरीदारी का मौका मान रहे हैं, तो कुछ मुनाफा बुक करने की सलाह दे रहे हैं.
लॉन्ग टर्म निवेशकों के लिए सुनहरा मौका
रिपोर्ट के अनुसार, इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (IBJA) की वाइस प्रेसिडेंट और ऐस्पेक्ट ग्लोबल वेंचर्स की चेयरपर्सन अक्ष कंबोज का कहना है, कि 7,000 रुपये की यह गिरावट लॉन्ग टर्म (Long Term) निवेशकों को डराने वाली नहीं है. उनका कहना है कि ‘सोने और चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव सामान्य है, जो वैश्विक अर्थव्यवस्था, केंद्रीय बैंकों की नीतियों और भू-राजनीतिक घटनाओं से प्रभावित होता है.’ वह कहती हैं, कि यह गिरावट एक अच्छा मौका है, पोर्टफोलियो को संतुलित करने या नई खरीदारी शुरू करने का, जो लोग अब तक इंतजार कर रहे थे, वह धीरे-धीरे सोने में निवेश करना शुरू कर सकते हैं.
शॉर्ट टर्म में निवेश करने वाले निवेशक इंतजार करे
हालाकि, कुछ विशेषज्ञों का मानना है, कि अभी सोने में निवेश करने का सबसे अच्छा समय नहीं है. उनका कहना है, कि वैश्विक स्तर पर आर्थिक हालात में सुधार से अब निवेशकों का रुझान इक्विटी की ओर बढ़ा है, जिससे सोने की 'सेफ हैवन' यानी सुरक्षित निवेश वाली छवि थोड़ी कमज़ोर हुई है. ऐसे में शॉर्ट टर्म (Short Term) निवेशकों को अभी थोड़े समय इंतजार करना चाहिए और देखना चाहिए कि वैश्विक हालात किस दिशा में जाते हैं, उसके बाद ही नई खरीदारी करनी चाहिए.













QuickLY