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Farmers Protest: एक फोन कॉल की दूर वाले बयान पर किसान नेता युद्धवीर सिंह का पीएम मोदी पर तंज, कहा- 7 साल से ढूंढ रहे हैं वह नंबर

किसान नेता युद्धवीर सिंह का पीएम मोदी पर तंज, कहा- 7 साल से ढूंढ रहे हैं वह नंवबर

Farmers Protest: एक फोन कॉल की दूर वाले बयान पर किसान नेता युद्धवीर सिंह का पीएम मोदी पर तंज, कहा-  7 साल से ढूंढ रहे हैं वह नंबर
किसान नेता युद्धवीर सिंह व पीएम मोदी (Photo Credits ANI)

नई दिल्ली: कृषि कानून के विरोध में दिल्ली, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड को छोड़कर देशभर में शनिवार को चक्का जाम का मिला जुला असर देखने को मिला. चक्का जाम के बाद गाजीपुर बॉर्डर पर भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने किसानों को संबोधित किया, इस दौरान उन्होंने कुछ महत्वपूर्ण बातें कहीं, जिसमें पहली बात,  जब तक कानून वापसी नहीं, घर वापसी नहीं, दूसरा की हम 2 अक्टूबर तक ऐसे ही विरोध प्रदर्शन करेंगे, उसके बाद हम आगे का प्रोग्राम बनाएंगे. कृषि कानूनों के विरोध में ही किसान नेता युद्धवीर सिंह ने पीएम मोदी (PM Modi) के उस उस बयान को लेकर तंज सका है. जिसमें उन्होंने कहा था कि किसानों से बातचीत के लिए सिर्फ एक कॉल की दूरी बाकी हैं.

युद्धवीर सिंह (Yudhvir Singh) ने कहा, हम पिछले 7 साल से वो नंबर ढूंढ रहे हैं जिस पर प्रधानमंत्री जी उपलब्ध हो सकते हैं. अगर हमें वो फोन नंबर मिल जाए तो हम बात करने को तैयार हैं, हम इंतजार में हैं.  इस बीच हमने तय किया है कि हम अपने आंदोलन को तेज करेंगे. यह भी पढ़े: Farmers Protest: किसान आंदोलन लंबा खिंचने से BJP की बढ़ रही चिंता

दरअसल पीएम मोदी ने ने हाल ही में की सर्वदलीय बैठक में कहा था कि कृषि कानूनों को लेकर कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर की ओर से जो प्रस्ताव दिया गया है उस पर अमल करने के लिए सरकार तैयार है. बस आंदोलरत किसानों के उनकी सरकार को एक फ़ोन की देरी है. मगर किसान संगठन कानूनों को निरस्त करने की मांग पर अड़े हैं

बता दें कि कृषि कानूनों को लेकर किसान पिछले 26 नवंबर से आंदोलन कर रहे है. अब ताकि उनके उनके आंदोलन का करीब 72दिन से ज्यादा का समय होने जा रहा है. इस बीच सरकार और किसानों के बीच 11 बार वार्ता हुई. लेकिन बीच का रास्ता नहीं निकल सका. किसानों का जहां कहना है कि वे चाहते है पूरे कानून को वापस लिया जाए. वही सरकार का कहना है कि कानून में जहां खामी हो किसान बताएं. सरकार उस पर चर्चा करने के साथ ही संशोधन के लिए तैयार हैं. लेकिन तीनों कानून किसी भी कीमत पर वापस नहीं होंगे.

(The above story first appeared on LatestLY on Feb 06, 2021 07:02 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).