Fact Check: क्या पाकिस्तान ने गिराया था भारतीय वायुसेना का MiG-29 UPG जेट? PIB ने वायरल खबर का किया पर्दाफाश

Fact Check: हाल ही में सोशल मीडिया पर एक चौंकाने वाला दावा वायरल हुआ, जिसमें कहा गया कि भारतीय वायुसेना (IAF) का MiG-29 UPG जेट 7 मई को जम्मू-कश्मीर के रामबन इलाके में पाकिस्तान एयरफोर्स द्वारा मार गिराया गया. इस पोस्ट में यह भी दावा किया गया कि जेट को स्क्वाड्रन लीडर केशव यादव उड़ा रहे थे और वह घायल होकर 22 मई को उधमपुर के मिलिट्री अस्पताल में शहीद हो गए. हालांकि इस दावे में कोई सच्चाई नहीं है. सरकारी एजेंसी PIB (प्रेस इंफॉर्मेशन ब्यूरो) की फैक्ट चेक यूनिट ने इस खबर को पूरी तरह से झूठा और भ्रामक बताया है. पाकिस्तान द्वारा कोई भी भारतीय वायुसेना का विमान न तो गिराया गया है और न ही कोई पायलट शहीद हुआ है.

PIB ने अपने आधिकारिक X (पूर्व ट्विटर) हैंडल पर पोस्ट किया, "एक पोस्ट में दावा किया गया है कि भारतीय वायुसेना का MiG-29 UPG जेट गिराया गया और पायलट की मौत हो गई. यह दावा झूठा है. संबंधित पायलट पूरी तरह से सुरक्षित, ड्यूटी पर हैं और वर्तमान में तैनात हैं."

PIB का फैक्ट चेक: दावा पूरी तरह फर्जी

‘ऑपरेशन सिंदूर’ से जोड़ा गया झूठा दावा

यह फर्जी खबर संभवतः हाल ही में हुए ऑपरेशन सिंदूर से जोड़ी जा रही है, जो कि 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले के जवाब में किया गया भारत का जवाबी सैन्य अभियान था. उस हमले में 26 नागरिकों की जान गई थी. लेकिन यह स्पष्ट किया गया है कि 7 मई को या किसी भी दिन IAF का कोई विमान न तो गिरा और न ही कोई पायलट शहीद हुआ.

क्या कहा गया था वायरल पोस्ट में?

वायरल पोस्ट में लिखा था: "7 मई 2025 को Indian Air Force का MiG-29 UPG जेट Pakistan Air Force के JF-17C विमान द्वारा PL-15 मिसाइल से गिराया गया. स्क्वाड्रन लीडर केशव यादव (IAF No. 32394) घायल हुए और 22 मई को उधमपुर मिलिट्री अस्पताल में शहीद हो गए."

इस पोस्ट में हैशटैग्स India Pakistan War 2025, #JF17, #MIG29 का भी उपयोग किया गया, जिससे यह युद्ध का माहौल दर्शाने की कोशिश थी.

सरकार ने स्पष्ट रूप से कहा है कि ऐसी भ्रामक जानकारी फैलाना देश की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकता है. बिना सत्यापन के खबरें शेयर करना जनता को भ्रमित करने और देश में तनाव पैदा करने का कारण बन सकता है.

सरकार की अपील: अफवाहों से रहें सतर्क

PIB और संबंधित अधिकारियों ने जनता से अपील की है कि सोशल मीडिया पर कोई भी खबर शेयर करने से पहले उसकी सत्यता की जांच करें.