Ex-SDPO Gautam Kumar Case: किशनगंज के पूर्व एसडीपीओ गौतम कुमार की अवैध संपत्ति की जांच अब एक नए मोड़ पर है. आर्थिक अपराध इकाई (EOU) की जांच में खुलासा हुआ है कि उनके घर में काम करने वाली 'पारो' नामक महिला कोई सामान्य नौकरानी नहीं, बल्कि करोड़ों की संपत्ति की मालिक है। रिपोर्ट्स के अनुसार, यह महिला अपने घरेलू काम पर आने-जाने के लिए महिंद्रा थार जैसी लग्जरी गाड़ी का इस्तेमाल करती थी। इतना ही नहीं, उसके पास एक रॉयल एनफील्ड बुलेट बाइक भी है, जिसे उसने 'उपहार' में मिलना बताया है।
संपत्तियों का अंबार और फरार नौकरानी
जांच एजेंसियों के अनुसार, पश्चिम बंगाल के सीमावर्ती इलाके में पारो के नाम पर एक आलीशान बंगला भी है, जिसकी कीमत करोड़ों में आंकी गई है। सोशल मीडिया पर सामने आई तस्वीरों और वीडियो में उसे नगदी के साथ और पूर्व एसडीपीओ के साथ विभिन्न कार्यक्रमों में देखा जा सकता है. इन खुलासों के बाद से पारो अपने परिवार के साथ फरार बताई जा रही है। ईओयू की टीम ने शनिवार को उसके किशनगंज स्थित किराए के आवास पर छापेमारी की, लेकिन वहां ताला लगा मिला. यह भी पढ़े: Actress Dimple Hayati: तेलुगु एक्ट्रेस डिंपल हयाती और उनके पति पर नौकरानी ने लगाएं मारपीट और गालीगलौज करने के आरोप, हैदराबाद पुलिस ने की FIR दर्ज
100 करोड़ की काली कमाई का जाल
गौतम कुमार ने 1994 में सब इंस्पेक्टर के तौर पर करियर शुरू किया था। जांच एजेंसियों का दावा है कि अपने 32 साल के सेवाकाल के दौरान उन्होंने 100 करोड़ रुपये से अधिक की बेनामी संपत्ति अर्जित की है। इस भ्रष्टाचार के मामले में केवल नौकरानी ही नहीं, बल्कि उनकी पत्नी रूबी कश्यप (जो एक सरकारी शिक्षिका हैं) और एक कथित प्रेमिका के नाम पर भी भारी निवेश और संपत्तियों के सबूत मिले हैं।
EOU की जांच का दायरा बढ़ा
आर्थिक अपराध इकाई की टीमें लगातार मामले की कड़ियां जोड़ रही हैं। शनिवार को ईओयू की कई टीमें किशनगंज पहुंचीं और जिला परिवहन कार्यालय से उन वाहनों का ब्योरा जुटाया जो पूर्व एसडीपीओ और उनके करीबियों के नाम पर पंजीकृत हैं। टीम जमीन की खरीद-बिक्री के दस्तावेजों की भी बारीकी से जांच कर रही है।
गौरतलब है कि 29 मार्च 2026 को ईओयू थाना कांड संख्या 3/26 के तहत गौतम कुमार के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी। इसके बाद 31 मार्च को किशनगंज और पूर्णिया सहित छह अलग-अलग ठिकानों पर छापेमारी की गई। इस कार्रवाई के बाद से गौतम कुमार को पद से हटाकर पुलिस मुख्यालय से अटैच कर दिया गया था। जांच एजेंसियां अब इस पूरे सिस्टम की जड़ों तक पहुंचने की कोशिश कर रही हैं, जहां एक अधिकारी के इर्द-गिर्द हर करीबी व्यक्ति की संपत्ति तेजी से बढ़ी है।













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