Vijay Mallya, Nirav Modi Assets Recovered: विजय माल्या, नीरव मोदी और मेहुल चोकसी पर ED का शिकंजा, 22,280 करोड़ रुपये किए जब्त; वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने दी जानकारी
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लोकसभा में 2024-2025 के पहले बैच के लिए सप्लीमेंट्री डिमांड्स फॉर ग्रांट्स पर चल रही बहस का जवाब देते हुए कुछ महत्वपूर्ण आंकड़े साझा किए.
Vijay Mallya, Nirav Modi Assets Recovered: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लोकसभा में 2024-2025 के पहले बैच के लिए सप्लीमेंट्री डिमांड्स फॉर ग्रांट्स पर चल रही बहस का जवाब देते हुए कुछ महत्वपूर्ण आंकड़े साझा किए. उन्होंने बताया कि प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने अब तक कई बड़ी आर्थिक अपराधों से जुड़े व्यक्तियों और कंपनियों की संपत्तियां जब्त की हैं, जिनमें से लगभग ₹22,280 करोड़ की संपत्तियां सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों को वापस की गई हैं.
इन संपत्तियों में से सबसे बड़ी रिकवरी विजय माल्या की है, जिनकी पूरी जब्त की गई संपत्ति ₹14,131.6 करोड़ की थी, जिसे अब बैंकों को लौटा दिया गया है. इसी तरह, फरार कारोबारी निरव मोदी के खिलाफ ₹1,052.58 करोड़ की संपत्ति जब्त की गई और उसे बैंकों को वापस किया गया.
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विजय माल्या, नीरव मोदी की संपत्ति बरामद
FM Nirmala Sitharaman in Lok Sabha on 17th December 9 - "The Enforcement Directorate has successfully restored properties worth around Rs 22,280 crores, and I am only talking about the major cases...Vijay Mallya - Rs 14,131.6 crores, the complete amount of the attached property… pic.twitter.com/l4vn9XzuBP
— ANI (@ANI) December 18, 2024
मेहुल चोकसी की ₹2,565 करोड़ संपत्ति बरामद
इसके अलावा, नेशनल स्पॉट एक्सचेंज लिमिटेड (NSEL) घोटाले में ₹17.47 करोड़, एसआरएस ग्रुप से ₹20.15 करोड़, रोस वैली ग्रुप से ₹19.40 करोड़ और सूर्या फार्मास्यूटिकल्स लिमिटेड से ₹185.13 करोड़ की संपत्तियां बैंकों को लौटा दी गई हैं. वित्त मंत्री ने यह भी बताया कि मेहुल चोकसी और अन्य से संबंधित ₹2,565.90 करोड़ की संपत्ति भी बैंकों को वापस कर दी गई है. उन्होंने कहा कि सरकार ने कोई कसर नहीं छोड़ी है और सभी आर्थिक अपराधियों को पकड़ने में पूरी मेहनत की जा रही है.
पिछले तीन सालों में भारत की औसत वृद्धि दर 8.3% रही
इस दौरान, सीतारमण ने देश की आर्थिक वृद्धि के बारे में भी आशावाद व्यक्त किया. उन्होंने कहा कि हाल ही में दूसरे तिमाही में जीडीपी की धीमी वृद्धि एक "अस्थायी उतार-चढ़ाव" थी और पिछले तीन सालों में भारत की औसत वृद्धि दर 8.3 प्रतिशत रही है, जो वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद देश की आर्थिक मजबूती को दर्शाती है.
(The above story first appeared on LatestLY on Dec 18, 2024 03:57 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

