उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने दिल्ली सरकार के स्कूल के प्रधानाध्यापकों से कहा, सुनिश्चित करें कि कोई बच्चा पीछे न रहे
दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने शनिवार को नए शैक्षणिक सत्र के लिए लक्ष्य और रणनीति तय करने के लिए राष्ट्रीय राजधानी के सरकारी स्कूलों के 200 से अधिक प्रधानाध्यापकों के साथ बैठक की.
नई दिल्ली, 26 जून : दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया (Manish Sisodia) ने शनिवार को नए शैक्षणिक सत्र के लिए लक्ष्य और रणनीति तय करने के लिए राष्ट्रीय राजधानी के सरकारी स्कूलों के 200 से अधिक प्रधानाध्यापकों के साथ बैठक की. सिसोदिया ने प्रधानाध्यापकों से कहा कि वे अपने स्कूलों में बुनियादी ढांचे, स्वच्छता और स्कूल के माहौल के संबंध में न्यूनतम मानक निर्धारित करें.
"पिछले सात वर्षों में, सरकार ने स्कूलों पर बहुत काम किया है और शिक्षा का एक बड़ा मॉडल स्थापित किया है. लेकिन अब स्कूल प्रमुखों की जिम्मेदारी है कि वे अपने स्कूलों के लिए अपनी जवाबदेही तय करें और यह सुनिश्चित करें कि कुछ भी निर्धारित न्यूनतम बेंचमार्क से नीचे नहीं गिरे." डिप्टी सीएम ने कहा कि यह सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी प्राचार्यों की है कि कोई भी छात्र पीछे नहीं छूटे. सिसोदिया ने कहा कि विभिन्न शैक्षणिक गतिविधियों के कार्यान्वयन के साथ-साथ प्रधानाध्यापकों को यह सुनिश्चित करने की आवश्यकता है कि वे अपने स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता, स्वच्छता और बुनियादी ढांचे के रखरखाव का न्यूनतम मानदंड स्थापित करें. यह भी पढ़ें : जम्मू-कश्मीर पुलिस ने सुलझाया सब इंस्पेक्टर की हत्या का मामला
उन्होंने कहा, दिल्ली सरकार का उद्देश्य दिल्ली के सरकारी स्कूलों में आने वाले सभी बच्चों को सम्मानजनक शिक्षा प्रदान करना है और उन पर ध्यान न देना उन बच्चों के साथ अन्याय होगा जिन्होंने हमारे स्कूलों को दूसरों के ऊपर चुना है. सिसोदिया ने कहा, इसके अलावा, प्रधानाध्यापकों को पॉजिटिव क्लासरूम कल्चर को बनाए रखने की जिम्मेदारी भी लेनी चाहिए. उन्हें शिक्षकों और छात्रों को कक्षाओं को अभिव्यक्ति और विचारों के क्षेत्र में बदलने के लिए प्रोत्साहित करना चाहिए.
(The above story first appeared on LatestLY on Jun 26, 2022 09:00 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

