देश के 97% बैंक खातों पर 5 लाख रुपये तक का बीमा, लेकिन सिर्फ 41% जमा रकम ही कवर!
फिलहाल भारत में बैंक डिपॉजिट इंश्योरेंस की सीमा 5 लाख रुपये है, जो 4 फरवरी 2020 को 1 लाख से बढ़ाई गई थी और यह अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप मानी जाती है.
देश के ज्यादातर बैंक खातों में जमा रकम पर डिपॉजिट इंश्योरेंस (Deposit Insurance) की सुविधा तो है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि आपकी पूरी जमा पूंजी 100 फीसदी सुरक्षित है. वित्त मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, 31 मार्च 2025 तक देश में 97.6% बैंक खाते पूरी तरह बीमा के दायरे में थे, लेकिन कुल जमा राशि में से केवल 41.5% रकम ही इस सुरक्षा कवच के अंदर आती थी.
रिपोर्ट के अनुसार, 22 जुलाई 2025 को राज्यसभा में एक सवाल के जवाब में केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने बताया था, कि मौजूदा समय में डिपॉजिट इंश्योरेंस की सीमा 5 लाख रुपये है. यानी, अगर आपके सेविंग अकाउंट (Savings Account), फिक्स्ड डिपॉजिट (Fixed Deposit), करंट अकाउंट (Current Account) और रिकरिंग डिपॉजिट (Recurring Deposit) में कुल मिलाकर 5 लाख रुपये तक की राशि है, तो यह पूरी तरह बीमित है. यह नियम देशभर के सभी बैंकों और उनकी शाखाओं पर लागू होता है.
5 लाख रुपये की सीमा ही क्यों तय है?
अंतरराष्ट्रीय मानक तय करने वाली संस्था इंटरनेशनल एसोसिएशन ऑफ डिपॉजिट इंश्योरर्स (IADI) के नियम के मुताबिक, बैंक डिपॉजिट इंश्योरेंस की सीमा सीमित और भरोसेमंद होनी चाहिए. इसका मकसद यह है, कि ज्यादातर लोगों की जमा रकम सुरक्षित रहे, लेकिन बड़े जमाकर्ताओं के कुछ पैसे बिना बीमा के रहें, ताकि बैंक लापरवाह न हों और अपने जोखिम को सही तरीके से संभालें.
इसी वजह से भारत में तय 5 लाख रुपये की डिपॉजिट इंश्योरेंस सीमा अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप मानी जाती है. यह ज्यादातर ग्राहकों को पर्याप्त सुरक्षा देती है, और बैंकिंग सिस्टम को स्थिर बनाए रखने में मदद करती है.
कब बढ़ाई गई सीमा?
डिपॉजिट इंश्योरेंस एंड क्रेडिट गारंटी कॉरपोरेशन (DICGC) अधिनियम की धारा 16(1) के अनुसार, डीआईसीजीसी अपनी आर्थिक स्थिति और देश के बैंकिंग सिस्टम के हित को ध्यान में रखते हुए, समय-समय पर डिपॉजिट इंश्योरेंस की सीमा बढ़ाने का प्रस्ताव केंद्र सरकार को दे सकता है.
इसी नियम के तहत 4 फरवरी 2020 को यह सीमा 1 लाख रुपये से बढ़ाकर 5 लाख रुपये कर दी गई थी. फिलहाल इसे बढ़ाने की कोई योजना नहीं है, इसलिए 5 लाख से ज्यादा जमा राशि पर कोई बीमा नहीं मिलेगा, बाकी पैसा जोखिम में रहेगा. सुरक्षित रहने के लिए बड़ी रकम अलग-अलग बैंकों में रखना समझदारी है.
(The above story first appeared on LatestLY on Aug 18, 2025 08:24 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

