भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) के जून 2025 के आंकड़ों के अनुसार, देश की कुल बैंक जमा राशि का 54.3% हिस्सा सिर्फ पांच राज्यों महाराष्ट्र, दिल्ली, कर्नाटक, उत्तर प्रदेश और तमिलनाडु के पास है. इसमें सेविंग्स अकाउंट (Savings Account), करेंट अकाउंट (Current Account), फिक्स्ड डिपॉजिट (FD), रिकरिंग डिपॉजिट (RD), कैश सर्टिफिकेट (Cash Certificate), अनक्लेम्ड बैलेंस (Unclaimed Balances), डिमांड ड्राफ्ट (Demand Drafts) और मार्जिन (Margin) जैसे सभी डिमांड और टाइम-लायबिलिटी इंस्ट्रूमेंट्स (Time-Liability Instruments) शामिल हैं.
दिलचस्प बात यह है कि जनगणना 2011 के मुताबिक इन पांच राज्यों की आबादी देश की कुल जनसंख्या का करीब 38% है, लेकिन बैंक जमा में इनका हिस्सा बढ़कर 54.3% तक पहुंच गया है.
महाराष्ट्र
महाराष्ट्र देश में सबसे अधिक बैंक जमा राशि रखने वाला राज्य है. लगभग 11.24 करोड़ (9.3%) की आबादी वाला यह राज्य, खासकर मुंबई के मज़बूत वित्तीय क्षेत्र (Financial Sector) की वजह से, बैंक डिपॉजिट का सबसे बड़ा केंद्र माना जाता है.
दिल्ली
दिल्ली की आबादी लगभग 1.68 करोड़ (1.4%) है, लेकिन बैंक जमा राशि में इसका हिस्सा देश के प्रमुख राज्यों में गिना जाता है. इसका मुख्य कारण दिल्ली की उच्च प्रति व्यक्ति आय (High Per-Capita Income) है.
कर्नाटक
कर्नाटक की आबादी लगभग 6.11 करोड़ (5%) है. बेंगलुरु की आईटी इंडस्ट्री (IT Industry) और मज़बूत सर्विस सेक्टर के कारण यह राज्य बैंक डिपॉजिट में महत्वपूर्ण हिस्सेदारी रखता है.
उत्तर प्रदेश
उत्तर प्रदेश देश का सबसे अधिक आबादी वाला राज्य है, जिसकी जनसंख्या लगभग 19.98 करोड़ (16.5%) है. लेकिन आबादी के हिसाब से इस राज्य का बैंक जमा में हिस्सा कम है.
तमिलनाडु
तमिलनाडु की आबादी लगभग 7.21 करोड़ (6%) है. उद्योगों और बाहर काम करने वाले लोगों से मिलने वाले पैसों की वजह से यह राज्य बैंक जमा में भी बड़ा योगदान देता है.
कुल मिलाकर, बैंक जमा का आधे से ज्यादा हिस्सा सिर्फ इन पांच राज्यों के पास होना यह दिखाता है कि देश की आर्थिक गतिविधियां और आय मुख्य रूप से कुछ ही क्षेत्रों में सीमित हैं.













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